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जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर दफ़्न है श्रीकृष्ण की मौत से जुड़ा एक राज

Posted on February 23, 2015June 24, 2016 by Pankaj Goyal

Hindi Story of Lord Jagannath and Bhagwan Shri Krishna : परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों की भूमि भारत के हृदय में कई ऐसे भी राज दफ़्न हैं, जो कहानियां बनकर आज भी सुने और सुनाए जाते हैं। आज हम आपको भगवान जगन्नाथ की मूर्ति और भगवान श्रीकृष्ण की मौत से जुडी एक ऐसी ही कहानी से परिचित करवा रहे है।

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हिन्दू धर्म के बेहद पवित्र स्थल और चार धामों में से एक जगन्नाथ पुरी की धरती को भगवान विष्णु का स्थल माना जाता है। जगन्नाथ मंदिर से जुड़ी एक बेहद रहस्यमय कहानी प्रचलित है, जिसके अनुसार मंदिर में मौजूद भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर स्वयं ब्रह्मा विराजमान हैं।

ब्रह्मा कृष्ण के नश्वर शरीर में विराजमान थे और जब कृष्ण की मृत्यु हुई तब पांडवों ने उनके शरीर का दाह-संस्कार कर दिया लेकिन कृष्ण का दिल (पिंड) जलता ही रहा। ईश्वर के आदेशानुसार पिंड को पांडवों ने जल में प्रवाहित कर दिया। उस पिंड ने लट्ठे का रूप ले लिया।

राजा इन्द्रद्युम्न, जो कि भगवान जगन्नाथ के भक्त थे, को यह लट्ठा मिला और उन्होंने इसे जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर स्थापित कर दिया। उस दिन से लेकर आज तक वह लट्ठा भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर है। हर 12 वर्ष के अंतराल के बाद जगन्नाथ की मूर्ति बदलती है लेकिन यह लट्ठा उसी में रहता है।

इस लकड़ी के लट्ठे से एक हैरान करने वाली बात यह भी है कि यह मूर्ति हर 12 साल में एक बार बदलती तो है लेकिन लट्ठे को आज तक किसी ने नहीं देखा। मंदिर के पुजारी जो इस मूर्ति को बदलते हैं, उनका कहना है कि उनकी आंखों पर पट्टी बांध दी जाती है और हाथ पर कपड़ा ढक दिया जाता है। इसलिए वे ना तो उस लट्ठे को देख पाए हैं और ही छूकर महसूस कर पाए हैं। पुजारियों के अनुसार वह लट्ठा इतना सॉफ्ट होता है मानो कोई खरगोश उनके हाथ में फुदक रहा है।

पुजारियों का ऐसा मानना है कि अगर कोई व्यक्ति इस मूर्ति के भीतर छिपे ब्रह्मा को देख लेगा तो उसकी मृत्यु हो जाएगी। इसी वजह से जिस दिन जगन्नाथ की मूर्ति बदली जानी होती है, उड़ीसा सरकार द्वारा पूरे शहर की बिजली बाधित कर दी जाती है। यह बात आज तक एक रहस्य ही है कि क्या वाकई भगवान जगन्नाथ की मूर्ति में ब्रह्मा का वास है।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –  भारत के अदभुत मंदिर
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Tag- Hindi, Pauranik, Rahasyamayi, Mysterious, Story, Kahani, Lord Jagannath and Bhagwan Shri Krishna,

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2 thoughts on “जगन्नाथ की मूर्ति के भीतर दफ़्न है श्रीकृष्ण की मौत से जुड़ा एक राज”

  1. krishna pratap singh sisodia says:
    October 18, 2015 at 11:29 am

    Jankar Bahut Prasannta hui Na dikhayi dene wala bhagwan bhi kisi na kisi roop me is dharti par mojud hai. esi jankari ko pad kar aap hi dharm aur bhagwan ke prati aastha bad jati hai. bahut acchi jankari.

    Reply
  2. Upasna Siag says:
    February 23, 2015 at 11:18 am

    bahut rochak jankari …..

    Reply

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