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श्री राम और देवी सीता के 48 चरण चिन्ह

Posted on September 8, 2016April 5, 2018 by Pankaj Goyal

48 Charan Chinh of Lord Shri Ram and Devi Sita : श्रीरामचरितमानस में गोस्वामी तुलसीदासजी ने मुख्य रूप से श्रीराम के पैर के 4 ही चिन्हों का वर्णन किया है- ध्वज, वज्र, अंकुश, कमल , किंतु अन्य पवित्र ग्रंथों को मिलाकर देखा जाए तो 48 पवित्र चिन्ह मिलते हैं। दक्षिण पैर में 24 चिन्ह और वाम पैर में 24 चिन्ह ।

48 Charan Chinh of Lord Shri Ram and Devi Sita

दिलचस्प तथ्य यह भी है कि जो चिन्ह श्रीराम के दक्षिण पैर में हैं वे भगवती सीता के वाम पैर में हैं। और जो चिन्ह राम जी के वाम पैर में हैं वे सीता जी के दक्षिण पैर में हैं। और अदभुत रहस्य यह है कि श्री राम जी के उदर पे नाभि के पास तीन रेखायें हैं जिन्हें त्रिवेली कहते हैं। वही तीन रेखायें (त्रिवेली) सीता जी की पीठ पर हैं।

48 Charan Chinh of Lord Shri Ram and Devi Sita

दोहा— रेखा त्रय सुन्दर उदर नाभी रूचिर गंभीर ।

श्रीराम जी के दक्षिण पैर के शुभ चिन्ह –

ऊर्ध्व रेखा, स्वस्तिक , अष्टकोण, श्री लक्षमीजी,हल,मूसल , सर्प, शर, अम्बर,कमल, रथ, बज्र, यव, कल्पवृक्ष, अंकुश, ध्वजा, मुकुट, चक्र, सिंहासन, यमदंड, चामर, छत्र, नर (पुरूष), जयमाला

श्रीरामजी के वाम पैर के शुभ चिन्ह – 

सरयू, गोपद, भूमि-पृथ्वी, कलश, पताका, जम्बूफल, अर्ध चन्द्र, शंख, षट्कोण, त्रिकोण, गदा, जीवात्मा, बिन्दु
शक्ति, सुधाकुण्ड, त्रिवली, मीन-ध्वज, पूर्ण चन्द्रमा, वीणा, वंशी-वेणु, धनुष, तुणीर, हंस, चंद्रिका

आचार्य, डा.अजय दीक्षित

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48 Charan Chinh of Lord Shri Ram and Devi Sita

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