Manav Bastiya – कमलेश जोशी ‘कमल’ राजसमंद द्वारा रचित रचनाओं का संग्रह ‘मानव बस्तियां’

मानव बस्तियां (Manav Bastiya)
हाल बुरे, बढ रही है सख्तियां
बंद दुकाने, लग रही तख्तियां
पसरा सन्नाटा चारो ओर बस
दिखे बस लाल – नीली बत्तियां
उजड गए महकते बगीचे कई
जाने आएगी कब नई पत्तियां
बचकर निकलना तुम भीड से
गलतफहमी से मिटी हस्तियां
कोरोना वॉरियर तैयार फिर से
हो चाहे कठिन ये परिस्थितियां
रहना है सजग – सतर्क ‘कमल’
बची रहेगी तब मानव बस्तियां
कमलेश जोशी ‘कमल’
राजसमंद
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