Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

लेक नेट्रान (Lake Natron) : एक झील जिसमे जो गया वो बन गया पत्थर

Posted on October 9, 2013June 26, 2016 by Pankaj Goyal

Lake Natron Mystery in Hindi : आपने राजा मिडास की  कहानी तो जरुर सुनी होगी जो जिस चीज़ को भी छुता है वो सोने की बन जाती है लेकिन क्या आपने ऐसी झील के बारे में सुना है जिसके पानी को जो भी छुता है वो पत्थर बन जाता है? आज हम आपको एक ऐसी ही झील के बारे में बता रहे है यह है यह है उत्तरी तंजानिया की नेट्रान  लेक।

Lake Natron, Hindi, Mystery, History, Story, Kahani, Itihas,

फोटोग्राफर निक ब्रांड्ट जब उत्तरी तंजानिया की नेट्रान लेक की तटरेखा पर पहुंचे तो वहां के दृश्य ने उन्हें चौंका दिया। झील के किनारे जगह-जगह पशु-पक्षियों के स्टैच्यू नजर आए। वे स्टैच्यू असली मृत पक्षियों के थे। दरअसल झील के पानी में जाने वाले जानवर और पशु-पक्षी कुछ ही देर में कैल्सिफाइड होकर पत्थर बन जाते हैं।

12

Brandt अपनी नई फोटो बुक ‘Across the Ravaged Land’ में लिखते है की “कोई भी निश्चित रूप से नहीं जानता है की ये कैसे मरे पर लगता है की लेक की अत्यधिक रिफ्लेक्टिव नेचर ने उन्हें दिग्भ्रमित किया फलस्वरूप वे सब पानी में गिर गए। ” वो आगे लिखते है की ” पानी में नमक और सोडा की मात्रा  बहुत ही जयादा है, इतनी जयादा की इसने मेरी कोडक फिल्म बॉक्स की स्याही को कुछ ही सेकंड में जमा दिया। पानी में सोडा और नमक की ज्यादा  मात्रा इन पक्षियों के मृत शरीर को सुरक्षित रखती है।”

13

इन पक्षियों के फोटो का संकलन ब्रांड्ट ने अपनी नई किताब ‘Across the Ravaged Land’ में किया है। यह किताब उस फोटोग्राफी डाक्यूमेंट का तीसरा वॉल्यूम है, जिसे निक ने पूर्वी अफ्रीका में जानवरों के गायब होने पर लिखा है।

14

पानी में अल्कलाइन का स्तर पीएच9 से पीएच 10.5 है, यानी अमोनिया जितना अल्कलाइन। लेक का तापमान भी 60 डिग्री तक पहुंच जाता है। पानी में वह तत्व भी पाया गया जो ज्वालामुखी की राख में होता है। इस तत्व का प्रयोग मिस्रवासी ममियों को सुरक्षित करने के लिए रखते थे।

15

वो अपनी किताब में आगे लिखते है ” सारे  प्राणी calcification के कारण चट्टान की तरह मजबूत हो चुके थे इसलिए बेहतर फोटो लेने के लिए हम उनमे किसी भी तरह का बदलाव नहीं कर सकते थे इसलिए फोटो लेने  के लिए हमने उन्हें वैसी ही अवस्था में पेड़ो और चट्टानों पर रख दिया।”

16

Other Similar Posts-

  • लोकतक झील – इम्फाल – दुनिया की एक मात्र तैरती झील
  • अनसॉल्वड मिस्ट्री- आखिर कब, कैसे और क्यों बना अमेरिका में यह विशालकाय “श्रीयंत्र”
  • कुछ पुरातात्विक खोजे जिन्होंने वैज्ञानिकों को कर रखा है हैरान और परेशान
  • अजूबा – लीना मदीना जो की मात्र पांच साल की उम्र में बन गई थी स्वस्थ बच्चे की माँ
  • मध्ययुग में सजा देने के 10 खौफनाक तरीके

Related posts:

लंदन के 7 बेहतरीन दार्शनिक स्थल
Coronavirus: कैलिफोर्निया में कोरोना संक्रमित होने पर मिलते हैं 94 हजार रुपए
उनाकोटी - 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां, क्या है रहस्य
दुनिया की सबसे जहरीली मछली, जिसका एक बूंद जहर पूरा शहर मिटा सकता है
Paise Wala Ped | पैसे वाला पेड़ | इस पेड़ पर लगे है दुनियाभर के हज़ारों सिक्के
क्या आप जानते हैं कुत्ते दीवार, पिलर्स या पेड़ जैसी ऊंची जगह पर ही क्यों करते है सुसु ?
सांप के काटने पर नहीं करें ये गलतियां, रखे सावधानी
किस ग्रह का दोष दूर करने के लिए पक्षियों को डाले कौनसा अनाज
गौमूत्र के फायदे | Gomutra Ke Fayde | गौमूत्र के घरेलू नुस्खे
इस सीरियल किलर का सिर 150 सालों से रखा है प्रिज़र्व, जानिए क्यों

4 thoughts on “लेक नेट्रान (Lake Natron) : एक झील जिसमे जो गया वो बन गया पत्थर”

  1. arjun satwal says:
    September 16, 2015 at 7:06 pm

    great

    Reply
  2. kumar says:
    August 21, 2015 at 4:29 pm

    bahut ashcharj janak — sunil kumar

    Reply
  3. VIJAY KUMAR says:
    November 27, 2014 at 11:29 am

    Good

    Reply
  4. सुशील कुमार जोशी says:
    January 10, 2014 at 5:38 am

    वाह !

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/25/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme