7/25/2014

Gulzar - Sham se aankh mein nami si hai (गुलज़ार - शाम से आँख में नमी सी है)


Gulzar
गुलज़ार 

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शाम से आँख में नमी सी है 

शाम से आँख में नमी सी है 
आज फिर आप की कमी सी है 

दफ़्न कर दो हमें कि साँस मिले 
नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है 

कथा अनुसुइया की जिसने ब्रह्मा, विष्णु और महेश को बना दिया था बालक


Mata Anusuiya

सती अनुसूईया महर्षि अत्री की पत्नी थी। जो अपने पतिव्रता धर्म के कारण सुविख्यात थी। एक दिन देव ऋषि नारद जी  बारी-बारी से विष्णुजी, शिव जी और ब्रह्मा जी की अनुपस्थिति में विष्णु लोक, शिवलोक तथा ब्रह्मलोक पहुंचे। वहां जाकर उन्होंने लक्ष्मी जी, पार्वती जी और सावित्री जी के सामने अनुसुइया के पतिव्रत धर्म की बढ़ चढ़ के प्रशंसा की तथा कहाँ की समस्त सृष्टि में उससे बढ़ कर कोई पतिव्रता नहीं है। नारद जी की बाते सुनकर तीनो देवियाँ सोचने लगी की आखिर अनुसुइया के पतिव्रत धर्म में ऐसी क्या बात है जो उसकी चर्चा स्वर्गलोक तक हो रही है ? तीनो देवीयों को अनुसुइया से ईर्ष्या होने लगी।

Javed Akhtar - Ye tasalli hai ki hain nashad sab (जावेद अख्तर - ये तसल्ली है कि हैं नाशाद सब)


Javed Akhtar

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ये तसल्ली है कि हैं नाशाद सब

ये तसल्ली है कि हैं नाशाद* सब
मैं अकेला ही नहीं बरबाद सब 

सब की ख़तिर है यहाँ सब अजनबी 
और कहने को हैं घर आबाद सब