11/24/2014

जानिए राशि अनुसार प्रेमियों का स्वभाव

कहते हैं जीवन में कभी न कभी प्यार सभी को होता है। प्यार की नींव विश्वास पर टिकी होती है। इन सब के बाद भी हर प्रेमी या प्रेमिका के मन में एक सवाल जरूर उठता है कि उसके लव पार्टनर का नेचर कैसा है, जैसा वह दिखाने की कोशिश करता है या इससे अलावा भी उसका अलग स्वभाव है।

आपका प्रेमी या प्रेमिका आपको धोखा दे रहा है या उसके प्यार में वाकई सच्चाई है, ये तो नहीं जाना जा सकता,  लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार उसके स्वभाव के बारे में बहुत कुछ जाना जा सकता है। व्यक्ति का स्वभाव उसके नाम यानी राशि से प्रभावित होता है। तो अपने प्रेमी या प्रेमिका की राशि के अनुसार आप भी उसका नेचर आसानी से जान सकते हैं।
Know your lovers nature according to zodiac sign

मेष राशि - मेष राशि वाले आकर्षक और प्रभावशाली स्वभाव वाले होते हैं। इनका व्यक्तित्व रूआबदार और मर्दाना होता है, जिससे हर तरह की लड़की इन पर तुरंत ही आकर्षित हो जाती हैं। मेष राशि वाले व्यक्ति जल्दबाजी में प्रेम करते हैं और इनका प्रेम ज्यादा दिन नहीं टिक पाता। कामुक स्वभाव के कारण ये लोग शारीरिक संबंध बनाने में ज्यादा विश्वास रखते हैं।

ये लोग रोमांटिक व्यक्तित्व के धनी होते हैं। मेष राशि वाले जितनी जल्दबाजी में किसी से प्रेम करते हैं, उतनी ही जल्दी अधिकांशत: इनका प्रेम संबंध टूट जाता है और ये उस प्रेम के जाल से तुरंत ही बाहर भी आ जाते हैं।

11/23/2014

Kaifi Azami Best Sher Part - 2 (कैफ़ी आज़मी के बेस्ट शेर भाग - 2)

Kaifi Azami Best Sher Part - 2
Kaifi Azmi  (कैफ़ी आज़मी)

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11 

बरस पड़ी थी जो रुख़ से नक़ाब उठाने में
वो चाँदनी है अभी तक मेरे ग़रीब-ख़ाने में

Baras padi thi jo rukh se naqaab uthaane mein
Wo chandani hai abhi tak mere gareeb-khaane mein

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12

बस्ती में अपने हिन्दू मुसलमाँ जो बस गए
इंसाँ की शक्ल देखने को हम तरस गए

Basti mein pane hindu musalmaan jo bas gaye 
Insaan ki shql dekhne kom ham taras gaye

11/21/2014

Kaifi Azmi Famous Shayari Part - 1 (कैैफी आज़मी की प्रसिद्ध शायरी भाग - 1)

Kaifi Azmi Famous Shayari Part - 1
Kaifi Azmi  (कैफ़ी आज़मी)

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1

इंसाँ की ख़्वाहिशों की कोई इंतिहा नहीं
दो गज़ ज़मीं भी चाहिए दो गज़ कफ़न के बाद

(इंतिहा  =  उच्चतम सीमा)

Insaan ki khwaahishon ki koi intiha nahin
Do gaz jameen bhi chaahiye do gaz kafan ke baad 

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2

बस इक झिजक है यही हाल-ए-दिल सुनाने में
कि तेरा ज़िक्र भी आएगा इस फ़साने में

Bas ik jhijhak hai yahi haal-e-dil sunaane mein 
Ki tera zikr bhi aayega is fasaane mein 

नागा साधु - सम्पूर्ण जानकारी और इतिहास (Naga Sadhu - Complete Information and History)

सभी साधुओं में नागा साधुओं को सबसे ज्यादा हैरत और अचरज से देखा जाता है।  यह आम जनता के बीच एक कौतुहल का विषय होते है।  यदि आप यह सोचते है की नागा साधु बनना बड़ा आसान है तो यह आपकी गलत सोच है। नागा साधुओं की ट्रेनिंग सेना के कमांडों की ट्रेनिंग से भी ज्यादा कठिन होती है, उन्हें दीक्षा लेने से पूर्व खुद का पिंड दान और श्राद्ध तर्पण करना पड़ता है।  पुराने समय में अखाड़ों में नाग साधुओं को मठो की रक्षा के लिए एक योद्धा की तरह तैयार किया जाता था। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा की मठों और मंदिरों की रक्षा के लिए इतिहास में नाग साधुओं ने कई लड़ाइयां भी लड़ी है।  आज इस लेख में हम आपको नागा साधुओं के बारे में उनके इतिहास से लेकर उनकी दीक्षा तक सब-कुछ विस्तारपूर्वक बताएंगे।


नाग साधुओं के नियम :-

वर्त्तमान में भारत में नागा साधुओं के कई प्रमुख अखाड़े है।  वैसे तो हर अखाड़े में दीक्षा के कुछ अपने नियम होते हैं, लेकिन कुछ कायदे ऐसे भी होते हैं, जो सभी दशनामी अखाड़ों में एक जैसे होते हैं।

1- ब्रह्मचर्य का पालन- कोई भी आम आदमी जब नागा साधु बनने के लिए आता है, तो सबसे पहले उसके स्वयं पर नियंत्रण की स्थिति को परखा जाता है। उससे लंबे समय ब्रह्मचर्य का पालन करवाया जाता है। इस प्रक्रिया में सिर्फ  दैहिक ब्रह्मचर्य ही नहीं, मानसिक नियंत्रण को भी परखा जाता है। अचानक किसी को दीक्षा नहीं दी जाती। पहले यह तय किया जाता है कि दीक्षा लेने वाला पूरी तरह से वासना और इच्छाओं से मुक्त हो चुका है अथवा नहीं।

2- सेवा कार्य- ब्रह्मचर्य व्रत के साथ ही दीक्षा लेने वाले के मन में सेवाभाव होना भी आवश्यक है। यह माना जाता है कि जो भी साधु बन रहा है, वह धर्म, राष्ट्र और मानव समाज की सेवा और रक्षा के लिए बन रहा है। ऐसे में कई बार दीक्षा लेने वाले साधु को अपने गुरु और वरिष्ठ साधुओं की सेवा भी करनी पड़ती है। दीक्षा के समय ब्रह्मचारियों की अवस्था प्राय: 17-18 से कम की नहीं रहा करती और वे ब्राह्मण, क्षत्रिय व वैश्य वर्ण के ही हुआ करते हैं।

11/20/2014

Best Sher of Jon Elia Part - 2 (जॉन एलिया के बेस्ट शेर भाग - 2)

जॉन एलिया (Jon Elia)

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11
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कितने ऐश उड़ाते होंगे कितने इतराते होंगे
जाने कैसे लोग वो होंगे जो उस को भाते होंगे

Kitne aesh udaate honge kitne itraate honge
Jaane kaise log wo honge jo us ko bhaate honge 

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12

यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का
वो जो सिमटते होंगे उन में वो तो मर जाते होंगे

Yaaro kuchh to zikr karo tum us ki qyaamat baahon ka
Wo jo simat te honge un mein wo to mar jaate honge

Jaun Elia Famous Shayari Part - 1 ( जॉन एलिया की प्रसिद्ध शायरी भाग - 1)

Jaun Elia Famous Shayari Part - 1
जॉन एलिया (Jon Elia)


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1

ख़ूब है इश्क़ का ये पहलू भी
मैं भी बर्बाद हो गया तू भी

Khoob hai ishq ka ye pehalu bhi
Main bhi barbaad ho gaya tu bhi

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2

जो गुज़ारी न जा सकी हम से
हम ने वो ज़िंदगी गुज़ारी है

Jo gujaari na jaa saki ham se
ham ne wo zindagi gujari hai