9/20/2014

एक और पन्नाधाय जिसने राजकुमार की रक्षा के लिए किया था अपने पुत्र का बलिदान

Ek aur Pannadhay
राजकुमार उदयसिंह को बचाने के लिए अपनी आँखों के सामने अपने पुत्र का बलिदान देती पन्नाधाय (demo pic)

पन्नाधाय की कहानी तो आप सब जानते ही है जो की मेवाड़ के राजकुमार उदयसिंह की धाय माँ थी और जिसने उदयसिंह की जान बचाने के लिए अपने पुत्र चन्दन का बलिदान दे दिया था। लेकिन इतिहास में एक ऐसी कहानी और है जिसे बहुत कम लोग जानते है। आज हम आपको वही कहानी बता रहे है।

उन दिनों जूनागढ़ के राजा राव महिपाल सिंह थे। वे जितने साहसी थे उतने ही प्रजावत्सल। उनकी न्यायप्रियता एवं कुशल प्रशासन की ख्याति अन्य राज्यों में भी फैल चुकी थी। परन्तु समय परिवर्तनशील है। समय की यह परिवर्तनशीलता जूनागढ़ राज्य पर भी आ पहुँची और पाटन के राजा ने वहाँ आक्रमण कर किया। राव महिपाल सिंह अपने सैनिकों के साथ शत्रुसेना का सामना करने की लिए युद्ध भूमि में पहुँचे। शत्रुसेना संख्या में अधिक थी। वीरता का परिचय दिया, पर शत्रुसेना पर विजय न प्राप्त कर सके।

80 Quotes of Aristotle in Hindi (अरस्तु के 80 अनमोल विचार)


Aristotle Quotes in Hindi (अरस्तु के अनमोल विचार)
Aristotle(अरस्तु)
(384 BC-322 BC)

अरस्तु एक यूनानी दार्शनिक थे। वे प्लेटो के शिष्य व सिकंदर के गुरु थे। उनका जन्म स्टेगेरिया नामक नगर में हुआ था। अरस्तु ने भौतिकी, आध्यात्म, कविता, नाटक, संगीत, तर्कशास्त्र, राजनीति शास्त्र, नीतिशास्त्र, जीव विज्ञान सहित कई विषयों पर रचना की। प्लेटो, सुकरात और अरस्तु पश्चिमी दर्शनशास्त्र के सबसे महान दार्शनिकों में एक थे। उन्होंने पश्चिमी दर्शनशास्त्र पर पहली व्यापक रचना की, जिसमें नीति, तर्क, विज्ञान, राजनीति और आध्यात्म का मेलजोल था।  भौतिक विज्ञान पर अरस्तु के विचार ने मध्ययुगीन शिक्षा पर व्यापक प्रभाव डाला और इसका प्रभाव पुनर्जागरण पर भी पड़ा। अंतिम रूप से न्यूटन के भौतिकवाद ने इसकी जगह ले लिया। जीवविज्ञान उनके कुछ संकल्पनाओं की पुष्टि उन्नीसवीं सदी में हुई।  उनके तर्कशास्त्र आज भी प्रासांगिक हैं। उनकी आध्यात्मिक रचनाओं ने मध्ययुग में इस्लामिक और यहूदी विचारधारा को प्रभावित किया और वे आज भी क्रिश्चियन, खासकर रोमन कैथोलिक चर्च को प्रभावित कर रही हैं। उनके दर्शन आज भी उच्च कक्षाओं में पढ़ाए जाते हैं। अरस्तु ने बहुतेरे रचानाएं की थी, जिसमें कई नष्ट हो गई।

अरस्तु के अनमोल विचार और कथन

Quote 1 : अगर औरते नहीं होती तो इस दुनिया की सारी दौलत बेमानी होती।

Quote 2 : एक निश्चित बिंदु के बाद, पैसे का कोई अर्थ नहीं रह जाता।

Quote 3 : किसी मनुष्य का स्वभाव ही उसे विश्वसनीय बनाता है, न कि उसकी सम्पत्ति।      

Quote 4 : दोस्तों के बिना कोई भी जीना नहीं चाहेगा, चाहे उसके पास बाकि सब कुछ हो।
   
Quote 5 : मित्र का सम्मान करो, पीठ पीछे उसकी प्रशंसा करो, और आवश्यकता पड़ने पर उसकी सहायता करो।

Ahmad Faraz - Aaj fir dil ne kaha aao bhula dein yaadein (अहमद फ़राज़ - आज फिर दिल ने कहा आओ भुला दें यादें)

Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़)
Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

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आज फिर दिल ने कहा आओ भुला दें यादें

आज फिर दिल ने कहा आओ भुला दें यादें
ज़िंदगी बीत गई और वही यादें-यादें

जिस तरह आज ही बिछड़े हों बिछड़ने वाले
जैसे इक उम्र के दुःख याद दिला दें यादें

Ahmad Faraz -Ab wo manzar, na wo chehre hi nazar aate hain ( अहमद फ़राज़ - अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नजर आते हैं)


Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़)
Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

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अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नजर आते हैं

अब वो मंजर, ना वो चेहरे ही नजर आते हैं
मुझको मालूम ना था ख्वाब भी मर जाते हैं

जाने किस हाल में हम हैं कि हमें देख के सब
एक पल के लिये रुकते हैं गुजर जाते हैं

पाकिस्तान स्तिथ हिन्दुओं के 20 प्राचीन, पौराणिक और ऐतिहासिक मंदिर

पाकिस्तान में हिन्दुओं के कई प्राचीन मंदिर स्तिथ है जिनमे से कइयों का पौराणिक व ऐतिहासिक महत्तव भी है।  लेकिन बड़े अफ़सोस की बात है की यह सभी मंदिर पाकिस्तान सरकार की उपेक्षा का शिकार हो रहे है। हालात यह हो गए है की कुछ मंदिरों को छोड़कर बाकी सब जर्जर चुके है। आइए जानते है पाकिस्तान में स्तिथ ऐसे ही 20 हिन्दू मंदिरो के बारे में।

1. कटास राज मंदिर, चकवाल , (Katas Raj Temple, Chakwal) :-
कटास राज मंदिर, चकवाल , (Katas Raj Temple, Chakwal)


पाकिस्तान में सबसे बड़ा मंदिर शिवजी का कटासराज मंदिर है, जो लाहौर से 270 किमी की दूरी पर चकवाल जिले में स्थित है। इस मंदिर के पास एक सरोवर है। कहा जाता है कि मां पार्वती के वियोग में जब शिवजी के आंखों से आंसू निकले तो उनके आंसुओं की दो बूंदे धरती पर गिरीं और आंसुओं की यही बूंदे एक विशाल कुंड में परिवर्तित हो गईं। इस कुंड के बारे में मान्यता है कि इसमें स्नान करने से मानसिक शांति मिलती है और दुख-दरिद्रता से छुटकारा मिलता है। इसके साथ ही यहां एक गुफा भी है। इसके बारे में कहा जाता है कि सरोवर के किनारे पांडव अपने वनवास के दौरान आए थे।

9/19/2014

Munawwar Rana - Marzi-e-maula maula jaane (मुनव्वर राना - मर्ज़ी-ए-मौला मौला जाने)


Munawwar Rana (मुनव्वर राना)
Munawwar Rana (मुनव्वर राना)

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मर्ज़ी-ए-मौला मौला जाने

मर्ज़ी-ए-मौला मौला जाने
मैं क्या जानूँ रब्बा जाने

डूबे कितने अल्लाह  जाने
पानी कितना दरिया जाने