10/31/2014

Ahmad Faraz - Khusboo ka safar (अहमद फ़राज़ - ख़ुशबू का सफ़र)

Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

अहमद फ़राज़ जी की शायरी और ग़ज़लों की किताबें जैसे खानाबदोशये  ग़ज़लें ये मेरी नज़्मेंख़्वाब फरोश, आदि आप नीचे दिए फ्लिपकार्ट लिंक से घर बैठे खरीद सकते है।

Buy Khanabdosh from Flipkart.com
Buy Yeh Meri Gazlen Yeh Meri Nazmein from Flipkart.com
Buy Khawab Farosh
Buy Aaj Ke Prashid Shayar Ahmed Faraz from Flipkart.com

------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

ख़ुशबू का सफ़र

छोड़ पैमाने-वफ़ा* की बात शर्मिंदा न कर
दूरियाँ ,मजबूरियाँ, रुस्वाइयाँ*, तन्हाइयाँ
कोई क़ातिल ,कोई बिस्मिल,* सिसकियाँ, शहनाइयाँ
देख ये हँसता हुआ मौसिम है मौज़ू-ए-नज़र*

Ahmad Faraz - Kya rukhsat-e-yaar ki ghari thi (अहमद फ़राज़ - क्या रुख्सत-ए-यार की घड़ी थी)

Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

अहमद फ़राज़ जी की शायरी और ग़ज़लों की किताबें जैसे खानाबदोशये  ग़ज़लें ये मेरी नज़्मेंख़्वाब फरोश, आदि आप नीचे दिए फ्लिपकार्ट लिंक से घर बैठे खरीद सकते है।

Buy Khanabdosh from Flipkart.com
Buy Yeh Meri Gazlen Yeh Meri Nazmein from Flipkart.com
Buy Khawab Farosh
Buy Aaj Ke Prashid Shayar Ahmed Faraz from Flipkart.com

------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

क्या रुख्सत-ए-यार की घड़ी थी

क्या रुख्सत-ए-यार की घड़ी थी
हंसती हुई रात रो पड़ी थी

हम खुद ही हुए तबाह वरना
दुनिया को हमारी क्या पड़ी थी

Ahmad Faraz - Main to maqtal mein bhi kismat ka Skiandar nikala (अहमद फ़राज़ - मैं तो मकतल में भी किस्मत का सिकंदर निकला)

Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

अहमद फ़राज़ जी की शायरी और ग़ज़लों की किताबें जैसे खानाबदोशये  ग़ज़लें ये मेरी नज़्मेंख़्वाब फरोश, आदि आप नीचे दिए फ्लिपकार्ट लिंक से घर बैठे खरीद सकते है।

Buy Khanabdosh from Flipkart.com
Buy Yeh Meri Gazlen Yeh Meri Nazmein from Flipkart.com
Buy Khawab Farosh
Buy Aaj Ke Prashid Shayar Ahmed Faraz from Flipkart.com

------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------

मैं तो मकतल में भी किस्मत का सिकंदर निकला

मैं तो मकतल* में भी किस्मत का सिकंदर निकला
कुर्रा-ए-फाल* मेरे नाम का अक्सर निकला

था जिन्हें जौम*, वो दरया भी मुझी में डूबे
मैं के सेहरा* नज़र आता था, समंदर निकला

लाल किताब के अनुसार शनि दोष निवारण के उपाय /टोटके (भाव/लग्न अनुसार)

Shani Dosh Nivaran Upay in Hindi

जानिये कुंडली के प्रत्येक भाव/लग्न में उपस्तिथ शनि के कष्ट निवारण के उपाय/टोटके।

प्रथम भाव में शनि हो तो कष्ट निवारण के उपाय /टोटके :-

1. अपने ललाट पर प्रतिदिन दूध अथवा दही का तिलक लगाए।
2.  शनिवार केदिन न तो तेल लगाए और न ही तेल खाए।
3. तांबे के बने हुए चार साँप शनिवार के दिन नदी में प्रवाहित करे।
4. भगवान शनिदेव या हनुमान जी के मंदिर में जाकर यह प्रथना करे की प्रभु ! हमसे जो पाप हुए हैं, उनके लिए हमे क्षमा करो, हमारा कल्याण करो।
5. जब भी आपको समय मिले शनि दोष निवारण मंत्र का जाप करे।

10/30/2014

गंधेश्वर शिवलिंग - खुदाई में मिला 2000 साल पुराना शिवलिंग - आती है तुलसी की सुगंध

Gandheshwar Shivlinga - 2000 years old
छत्तीसगढ़ के सिरपुर में खुदाई के दौरान द्वादश ज्योतिर्लिंगों वाले पौरुष पत्थर से बना शिवलिंग मिला है। पुरातात्विक विशेषज्ञों के अनुसार यह शिवलिंग दो हजार साल पुराना है और राज्य में मिला सबसे प्राचीन व विशाल शिवलिंग है। इस शिवलिंग को 'गंधेश्वर शिवलिंग' नाम दिया गया है क्योंकि इस शिवलिंग में से तुलसी के पौधे जैसी गंध आती है।  यह शिवलिंग वाराणसी के काशी विश्वनाथ और उज्जैन के महाकालेश्वर शिवलिंग जैसा चिकना है। इस शिवलिंग में विष्णु सूत्र (जनेऊ) और असंख्य शिव धारियां हैं। साथ ही यहाँ पर पहली शताब्दी में सरभपुरिया राजाओं के द्वारा बनाए गए मंदिर के प्रमाण भी मिले है।

हनुमान प्रश्नावली यंत्र (Hanuman Prashnavali Yantra) - जानिये इस यंत्र से अपनी समस्याओं का समाधान

हमारे हिन्दू धर्म ग्रंथो में कई तरह के यंत्र(चक्र)के बारे में बताया गया हैं जिनकी सहायता से हम अपने मन में उठ रहे सवाल, हमारे जीवन में आने वाली कठिनाइयों आदि का समाधान पा सकते है। हम अब तक आपको श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र और नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र के बारे में बता चुके है आज हम आपको बताएँगे हनुमान प्रश्नावली चक्र के बारे में।

Hanuman Prashnavali Yantra


प्रयोग विधि :-
जिसे भी अपने प्रश्नों का उत्तर चाहिए वे स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करे और पांच बार ऊँ रां रामाय नम:मंत्र का जप करने के बाद 11 बार ऊँ हनुमते नम:मंत्र का जप करे। इसके बाद आंखें बंद हनुमानजी का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर कर्सर घुमाते हुए रोक दें।
जिस कोष्ठक(खाने) पर कर्सर रुके, उस कोष्ठक में लिखे अंक को देखकर अपने प्रश्न का उत्तर देखें। कोष्ठकों के अंकों के अनुसार फलादेश

1- आपका कार्य शीघ्र पूरा होगा।

2- आपके कार्य में समय लेगगा। मंगलवार का व्रत करें।

3- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तो कार्य शीघ्र पूरा होगा।

4- कार्य पूर्ण नहीं होगा।

5- कार्य शीघ्र होगा, किंतु अन्य व्यक्ति की सहायता लेनी पड़ेगी।