4/16/2014

Bashir Badr - Wahi taaz hai wahi takht hai wahi zahar hai wahi jaam hai (बशीर बद्र - वही ताज है वही तख़्त है वही ज़हर है वही जाम है)




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वही ताज है वही तख़्त है वही ज़हर है वही जाम है

वही ताज है वही तख़्त है वही ज़हर है वही जाम है
ये वही ख़ुदा की ज़मीन है ये वही बुतों का निज़ाम है

बड़े शौक़ से मेरा घर जला कोई आँच न तुझपे आयेगी
ये ज़ुबाँ किसी ने ख़रीद ली ये क़लम किसी का ग़ुलाम है

Bashir Badr - Wo thaka hua meri baaho'n me so gaya to kya hua (बशीर बद्र - वो थका हुआ मेरी बाहों में ज़रा सो गया था तो क्या हुआ)


Bashir Badr
Bashir Badr 


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वो थका हुआ मेरी बाहों में ज़रा सो गया था तो क्या हुआ

वो थका हुआ मेरी बाहों में ज़रा सो गया था तो क्या हुआ
अभी मैं ने देखा है चाँद भी किसी शाख़-ए-गुल पे झुका हुआ

जिसे ले गई है अभी हवा वो वरक़ था दिल की किताब का
कहीं आँसुओं से मिटा हुआ कहीं आँसुओं से लिखा हुआ

Bashir Badr - Sar pe saaya sa Dast-E-Dua yaad hai (बशीर बद्र - सर पे साया सा दस्त-ए-दुआ याद है)


Bashir Badr
बशीर बद्र 


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सर पे साया सा दस्त-ए-दुआ याद है

सर पे साया सा दस्त-ए-दुआ याद है
अपने आँगन में इक पेड़ था याद है

जिस में अपनी परिंदों से तश्बीह थी
तुम को स्कूल की वो दुआ याद है

Bashir Badr - Sab kuchh khaak hua hai lekin chehara kya noorani hai (बशीर बद्र - सब कुछ खाक हुआ है लेकिन चेहरा क्या नूरानी है)



Bashir Badr
बशीर बद्र 


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सब कुछ खाक हुआ है लेकिन चेहरा क्या नूरानी है

सब कुछ खाक हुआ है लेकिन चेहरा क्या नूरानी है
पत्थर नीचे बैठ गया है, ऊपर बहता पानी है

बचपन से मेरी आदत है फूल छुपा कर रखता हूं
हाथों में जलता सूरज है, दिल में रात की रानी है

4/15/2014

Bashir Badr - Shabnam ke aansoo phool par ye to wahi kissa hua (बशीर बद्र - शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ)



Bashir Badr
Bashir Badr 


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शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ

शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ
आँखें मेरी भीगी हुईं चेहरा तेरा उतरा हुआ

अब इन दिनों मेरी ग़ज़ल ख़ुश्बू की इक तस्वीर है
हर लफ़्ज़ गुंचे की तरह खिल कर तेरा चेहरा हुआ