8/30/2015

यह हैं किन्नर कैलाश, कहते है महादेव के इस धाम में जाने की एक बार ही होती है हिम्मत

तिब्बत स्थित मानसरोवर कैलाश के बाद किन्नर कैलाश को ही दूसरा बडा कैलाश पर्वत माना जाता है। सावन का महीना शुरू होते ही हिमाचल की खतरनाक कही जाने वाली किन्नर कैलाश यात्रा शुरू हो जाती है। इस यात्रा के बारे में कहा जाता है कि इस यात्रा को अपने जीवन काल में आम आदमी एक ही बार करने की हिम्मत जुटा पाता है। इस स्थान को भगवान शिव शीतकालीन प्रवास स्थल माना जाता है। किन्नर कैलाश सदियों से हिंदू व बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए आस्था का केंद्र है। इस यात्रा के लिए देश भर से लाखों भक्त किन्नर कैलाश के दर्शन के लिए आते हैं। किन्नर कैलाश पर प्राकृतिक रूप से उगने वाले ब्रह्म कमल के हजारों पौधे देखे जा सकते हैं।

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Kinner Kailash Yatra History Hindi
भगवान शिव की तपोस्थली किन्नौर के बौद्ध लोगों और हिंदू भक्तों की आस्था का केंद्र किन्नर कैलाश समुद्र तल से 24 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। किन्नर कैलाश स्थित शिवलिंग की ऊंचाई 40 फीट और चौड़ाई 16 फीट है। हर वर्ष सैकड़ों शिव भक्त जुलाई व अगस्त में जंगल व खतरनाक दुर्गम मार्ग से हो कर किन्नर कैलाश पहुचते हैं। किन्नर कैलाश की यात्रा शुरू करने के लिए भक्तों को जिला मुख्यालय से करीब सात किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-5 स्थित पोवारी से सतलुज नदी पार कर तंगलिंग गाव से हो कर जाना पडता है। गणेश पार्क से करीब पाच सौ मीटर की दूरी पर पार्वती कुंड है। इस कुंड के बारे में मान्यता है कि इसमें श्रद्धा से सिक्का डाल दिया जाए तो मुराद पूरी होती है। भक्त इस कुंड में पवित्र स्नान करने के बाद करीब 24 घटे की कठिन राह पार कर किन्नर कैलाश स्थित शिवलिंग के दर्शन करने पहुचते हैं। वापस आते समय भक्त अपने साथ ब्रह्मा कमल और औषधीय फूल प्रसाद के रूप में लाते हैं।

8/29/2015

समुद्र शास्त्र- ये होती हैं भाग्यशाली लड़कियों की पहचान, पत‌ि और पर‌िवार को बनाती है खुशहाल

भारतीय ज्योतिष शास्त्रों की शाखा समुद्र विज्ञान में शरीर पर मौजूद चिन्हों के आधार पर व्यक्ति के भविष्य का विश्लेषण किया जाता है, शरीर पर पाए गए यह निशान हमारे भविष्य और चरित्र के बारे में बहुत कुछ दर्शाते हैं।

समुद्र शास्त्र में सुकन्या यानी सुंदर गुणों वाली कन्या के लक्षणों के बारे में भी बताया गया है। ऐसी कन्या बड़ी भाग्यशाली होती है। इनके भाग्य से पत‌ि और पर‌िवार खुशहाल और धनवान बना रहता है। ऐसी कन्या की पहचान इस तरह से कर सकते हैं।

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1. ज‌‌िन स्‍त्र‌ियों की आंखें ह‌िरणी के समान और सफेद भाग के अंत में लाल‌िमा ल‌िए होती है वह बड़ी भाग्‍यशाली और सुख भोग पाने वाली होती है।
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8/28/2015

जानें संभोग के पहले और बाद के 12 जरुरी स्‍वच्‍छता नियम

यदि आप खुद को संक्रमण या जीवाणुओं से बचाना चाहते हैं, तो संभोग के पहले और बाद में कुछ स्‍वच्‍छता नियमों का पालन जरुर करें। नीचे दिये गए बेहद जरुरी हाइजीन रूल्‍स दोनों ही पुरुषों और महिलाओं पर लागू होते हैं। इससे पहले की आपके मन में प्‍यार की उमंग जागे, बेहतर होगा कि आप अपने पाइवेट पार्ट्स को अच्‍छी प्रकार से साफ-सुथरा कर लें।

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अगर आपको पता है कि के जनांगो पर घाव या दाने निकले हुए हैं, तो बेहतर होगा कि उस दिन आप संभोग करने से बचें नहीं तो आपको यौन रोग या दाद आदि जैसी बीमारियां होने की गुंजाइश हो सकती है। इसके आलावा आपको अपने दांतों को भी अच्‍छी प्रकार कसे ब्रश करना चाहिये, जिससे आपका पार्टनर आपकी सांसों की बदबू से हताश ना हो।

अब आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ मुख्‍य बिंदू जिन पर आपको ध्‍यान देने की जरुरत है।

रक्षाबंधन पर राशि अनुसार बहनों को दे सकते है ये उपहार

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक है। इस दिन भाई अपनी बहन को उपहार भी देते हैं। ज्योतिष के अनुसार रक्षाबंधन पर दिए जाने वाले उपहार यदि राशि के अनुसार देंगे तो वे और भी ज्यादा शुभ फल प्रदान करते हैं। यहां जानिए रक्षाबंधन पर बहन की राशि अनुसार क्या उपहार दिया जा सकता है...

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मेष- इस राशि वालों पर मंगल ग्रह का विशेष प्रभाव रहता है। इसलिए भाई मेष राशि वाली बहन को जिंक धातु की बनी वस्तुएं जैसे कोई शोपीस गिफ्ट के रूप में दे सकते हैं। लाल रंग की वस्तुएं, लाल रंग की ड्रेस, इलेक्ट्रॉनिक वस्तुएं भी उपहार में दी जा सकती हैं।
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