10/24/2014

Ahmad Faraz - Jaana dil ka shehar, nagar afsos ka hai (अहमद फ़राज़ - जानाँ दिल का शहर, नगर अफ़सोस का है)

Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़)
Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

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जानाँ दिल का शहर, नगर अफ़सोस का है

जानाँ दिल का शहर, नगर अफ़सोस का है
तेरा मेरा सारा सफ़र अफ़सोस का है

किस चाहत से ज़हरे-तमन्ना माँगा था
और अब हाथों में साग़र अफ़सोस का है

10/22/2014

Ahmad Faraz - Dost bankar bhi nahi saath nibhane wala (अहमद फ़राज़ - दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभानेवाला)

Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़
Ahmad Faraz (अहमद फ़राज़) 

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दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभानेवाला 

दोस्त बन कर भी नहीं साथ निभानेवाला 
वही अन्दाज़ है ज़ालिम का ज़मानेवाला 

(जालिम  =  अत्याचारी )

अब उसे लोग समझते हैं गिरफ़्तार मेरा 
सख़्त नादिम है मुझे दाम में लानेवाला 

(नादिम  =  लज्जित : दाम  =  जाल, बंधन )

सुबह-दम छोड़ गया निक़हते-गुल की सूरत
रात को ग़ुंचा-ए-दिल में सिमट आने वाला

(निक़हते-गुल  =  गुलाब की ख़ुश्बू की तरह;  ग़ुंचा-ए-दिल  =  दिल की कली)

प्राचीन उपाय - लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए दीपावली की रात इन 8 जगहों पर भी लगाना चाहिए दीपक



दीपावली की रात महादेवी लक्ष्मी के पूजन की रात होती है। इस रात्री को महादेवी लक्ष्मी को मनाने का सबसे अच्छा समय माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार ऐसा माना जाता है कि इस रात देवी महालक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। अत: इस रात को देवी को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न उपाय बताए गए हैं। प्राचीन समय से परंपरा चली आ रही है कि दीपावली की रात में कुछ विशेष स्थानों पर दीपक लगाने से देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। आज हम आपको बताएँगे की दिवाली की रात में कहां-कहां दीपक लगाने चाहिए।

1. पीपल के पेड़ के नीचे दीपावली की रात एक दीपक लगाकर घर लौट आएं। दीपक लगाने के बाद पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहिए। ऐसा करने पर आपकी धन से जुड़ी समस्याएं दूर हो सकती हैं।

10/21/2014

जानिये भारत में स्तिथ यमराज (धर्मराज) के चार प्राचीन मंदिरों के बारे में

यदि आप इंटरनेट पर यमराज (धर्मराज) को समर्पित मंदिरों के बारे में सर्च करेंगे तो आप पाएंगे की अधिकतर साइटों पर हिमाचल के चम्बा जिले में भरमौर नामक स्थान पर स्तिथ मंदिर को यमराज (धर्मराज) का इकलौता मंदिर बताया गया है पर वास्तव में ऐसा नहीं है आज हम आपको यहाँ यमराज (धर्मराज) को समर्पित चार प्राचीन मंदिरों के बारे में बातएंगे। पर पहले यहाँ यह जान लेना आवश्यक है की धर्मराज भी यमराज का ही एक नाम है। यमराज का नाम धर्मराज इसलिए पड़ा क्योंकि धर्मानुसार उन्हें जीवों को सजा देने का कार्य प्राप्त हुआ था।

यमराज (धर्मराज) मंदिर - भरमौर - हिमाचल :-

Image Credit 
यम देवता को समर्पित यह मंदिर हिमाचल के चम्बा जिले में भरमौर नामक स्थान पर स्तिथ है।  यह जगह दिल्ली से करीब 500 किलोमीटर दूर स्तिथ है। यह मंदिर देखने में एक घर की तरह दिखाई देता है।  इस मंदिर में एक खाली कक्ष भी है जिसे चित्रगुप्त का कक्ष कहा जाता है। चित्रगुप्त यमराज के सचिव हैं जो जीवात्मा के कर्मो का लेखा-जोखा रखते हैं।

10/20/2014

Khumar Barabankvi - Ae maut unhein bhulaaye zamaane gujar gaye (खुमार बाराबंकवी - ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुज़र गए)

Khumar Barabankvi (खुमार बाराबंकवी)
Khumar Barabankvi (खुमार बाराबंकवी)


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ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुज़र गए

ऐ मौत उन्हें भुलाए ज़माने गुज़र गए
आ जा कि ज़हर खाए ज़माने गुज़र गए

ओ जाने वाले! आ कि तेरे इंतज़ार में
रस्ते को घर बनाए ज़माने गुज़र गए

Khumar Barabankvi - Kabhi sher-o-nagma banke kabhi aansuo mein dhalke ( ख़ुमार बाराबंकवी - कभी शेर-ओ-नगमा बनके कभी आँसूओ में ढलके)

Khumar Barabankvi (खुमार बाराबंकवी
Khumar Barabankvi (खुमार बाराबंकवी)

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कभी शेर-ओ-नगमा बनके कभी आँसूओ में ढलके

कभी  शेर-ओ-नगमा बनके कभी आँसूओ में ढलके
वो मुझे मिले तो लेकिन, मिले सूरते बदलके

कि वफा की सख़्त राहे कि तुम्हारे पाव नाज़ुक
न लो इंतकाम मुझसे मेरे साथ-साथ चलके