Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

भारत के प्रसिद्ध 16 हनुमान मंदिर | 16 famous Hanuman Temple of India

Posted on July 9, 2014February 18, 2018 by Pankaj Goyal

Famous Hanuman Temple of India | Hindi Story, Kahani, History, Itihas | इस लेख में आप सब भारत के विभिन्न हिस्सों में स्तिथ 16 प्रसीद्ध हनुमान मंदिरों की बारे में जानकारी पाएंगे। इनमे से हर मंदिर की अपनी एक विशेषता है कोई मंदीर अपनी प्राचीनता की लिये फेमस है तो कोइ मंदीर अपनी भव्यता के लिए। जबकि कई मंदिर अपनी अनोखी हनुमान मूर्त्तियों के लिए जैसे की इलाहबाद का हनुमान मंदीर जहां की भारत की एक मात्र लेटे  हुए हनूमान की प्रतिमा है जबकि इंदौर के उलटे हनुमान मंदिर में भारत कि एक मात्र उलटे हनुमान कि प्रतीमा  हैं इसी तरह रतनपुर के गिरिजाबंध हनुमान मंदिर में स्त्री रुप में हनुमान प्रतीमा है।  इन सबसे अलग गुजरात के जामनगर के बाल हनूमान मंदीर का नाम एक अनोखे रिकॉर्ड क़े कारण गिनीज़ बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है।

1. हनुमान मंदिर, इलाहबाद, उत्तर प्रदेश (Hanuman Temple,  Allahabad,  Uttar Pradesh) :Famous Hanuman Temple of India

इलाहबाद किले से सटा यह मंदिर लेटे हुए हनुमान जी की प्रतिमा वाला एक छोटा किन्तु प्राचीन मंदिर है। यह सम्पूर्ण भारत का केवल एकमात्र मंदिर है जिसमें हनुमान जी लेटी हुई मुद्रा में हैं। यहां पर स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा 20 फीट लम्बी है। जब वर्षा के दिनों में बाढ़ आती है और यह सारा स्थान जलमग्न हो जाता है, तब हनुमानजी की इस मूर्ति को कहीं ओर ले जाकर सुरक्षित रखा जाता है। उपयुक्त समय आने पर इस प्रतिमा को पुन: यहीं लाया जाता है।

2. हनुमानगढ़ी, अयोध्या (Hanuman Garhi,  Ayodhya) :Hanuman Garhi,  Ayodhya

धर्म ग्रंथों के अनुसार अयोध्या भगवान श्रीराम की जन्मस्थली है। यहां का सबसे प्रमुख श्रीहनुमान मंदिर हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर राजद्वार के सामने ऊंचे टीले पर स्थित है। इसमें 60 सीढिय़ां चढऩे के बाद श्रीहनुमानजी का मंदिर आता है। यह मंदिर काफी बड़ा है। मंदिर के चारों ओर निवास योग्य स्थान बने हैं, जिनमें साधु-संत रहते हैं। हनुमानगढ़ी के दक्षिण में सुग्रीव टीला व अंगद टीला नामक स्थान हैं। इस मंदिर की स्थापना लगभग 300 साल पहले स्वामी अभयारामदासजी ने की थी।

3. सालासर बालाजी हनुमान मंदिर, सालासर, राजस्थान (Salasar Balaji Hanuman Mandir, Salasar, Rajasthan) :Salasar Balaji Hanuman Mandir, Salasar, Rajasthan

हनुमानजी का यह मंदिर राजस्थान के चूरू जिले में है। गांव का नाम सालासर है, इसलिए सालासर वाले बालाजी के नाम यह मंदिर प्रसिद्ध है। हनुमानजी की यह प्रतिमा दाड़ी व मूंछ से सुशोभित है। यह मंदिर पर्याप्त बड़ा है। चारों ओर यात्रियों के ठहरने के लिए धर्मशालाएं बनी हुई हैं। दूर-दूर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं और मनचाहा वरदान पाते हैं।

इस मंदिर के संस्थापक श्री मोहनदासजी बचपन से श्री हनुमान जी के प्रति अगाध श्रद्धा रखते थे। माना जाता है कि हनुमान जी की यह प्रतिमा एक किसान को जमीन जोतते समय मिली थी, जिसे सालासर में सोने के सिंहासन पर स्थापित किया गया है। यहाँ हर साल भाद्रपद, आश्विन, चैत्र एवं वैशाख की पूर्णिमा के दिन विशाल मेला लगता है।

4. हनुमान धारा, चित्रकूट, उत्तर प्रदेश  (Hanuman Dhara, Chitrakoot, Uttar Pradesh) :Hanuman Dhara, Chitrakoot, Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश के सीतापुर नामक स्थान के समीप यह हनुमान मंदिर स्थापित है। सीतापुर से हनुमान धारा की दूरी तीन मील है। यह स्थान पर्वतमाला के मध्यभाग में स्थित है। पहाड़ के सहारे हनुमानजी की एक विशाल मूर्ति के ठीक सिर पर दो जल के कुंड हैं, जो हमेशा जल से भरे रहते हैं और उनमें से निरंतर पानी बहता रहता है। इस धारा का जल हनुमानजी को स्पर्श करता हुआ बहता है। इसीलिए इसे हनुमान धारा कहते हैं।

धारा का जल पहाड़ में ही विलीन हो जाता है। उसे लोग प्रभाती नदी या पातालगंगा कहते हैं। इस स्थान के बारे में एक कथा इस प्रकार प्रसिद्ध है- श्रीराम के अयोध्या में राज्याभिषेक होने के बाद एक दिन हनुमानजी ने भगवान श्रीरामचंद्र से कहा- हे भगवन। मुझे कोई ऐसा स्थान बतलाइए, जहां लंका दहन से उत्पन्न मेरे शरीर का ताप मिट सके। तब भगवान श्रीराम ने हनुमानजी को यह स्थान बताया।

5. श्री संकटमोचन मंदिर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश (Shri Sankat Mochan Hanuman Mandir, Varanasi, Uttar Pradesh) :(Shri Sankat Mochan Hanuman Mandir, Varanasi, Uttar Pradesh

यह मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में स्थित है। इस मंदिर के चारों ओर एक छोटा सा वन है। यहां का वातावरण एकांत, शांत एवं उपासकों के लिए दिव्य साधना स्थली के योग्य है। मंदिर के प्रांगण में श्रीहनुमानजी की दिव्य प्रतिमा स्थापित है। श्री संकटमोचन हनुमान मंदिर के समीप ही भगवान श्रीनृसिंह का मंदिर भी स्थापित है। ऐसी मान्यता है कि हनुमानजी की यह मूर्ति गोस्वामी तुलसीदासजी के तप एवं पुण्य से प्रकट हुई स्वयंभू मूर्ति है।

इस मूर्ति में हनुमानजी दाएं हाथ में भक्तों को अभयदान कर रहे हैं एवं बायां हाथ उनके ह्रदय पर स्थित है। प्रत्येक कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमानजी की सूर्योदय के समय विशेष आरती एवं पूजन समारोह होता है। उसी प्रकार चैत्र पूर्णिमा के दिन यहां श्रीहनुमान जयंती महोत्सव होता है। इस अवसर पर श्रीहनुमानजी की बैठक की झांकी होती है और चार दिन तक रामायण सम्मेलन महोत्सव एवं संगीत सम्मेलन होता है।

6. बेट द्वारका हनुमान दंडी मंदिर, गुजरात (Bet Dwarka Hanuman  Dandi Temple, Gujarat) :Bet Dwarka Hanuman  Dandi Temple, Gujarat

बेट द्वारका से चार मील की दूरी पर मकर ध्वज के साथ में हनुमानजी की मूर्ति स्थापित है। कहते हैं कि पहले मकरध्वज की मूर्ति छोटी थी परंतु अब दोनों मूर्तियां एक सी ऊंची हो गई हैं। अहिरावण ने भगवान श्रीराम लक्ष्मण को इसी स्थान पर छिपा कर रखा था।

जब हनुमानजी श्रीराम-लक्ष्मण को लेने के लिए आए, तब उनका मकरध्वज के साथ घोर युद्ध हुआ। अंत में हनुमानजी ने उसे परास्त कर उसी की पूंछ से उसे बांध दिया। उनकी स्मृति में यह मूर्ति स्थापित है। कुछ धर्म ग्रंथों में मकरध्वज को हनुमानजी का पुत्र बताया गया है, जिसका जन्म हनुमानजी के पसीने द्वारा एक मछली से हुआ था।

7. मेहंदीपुर बालाजी मंदिर, मेहंदीपुर, राजस्थान (Mehandipur Balaji Temple, Mehandipur, Rajasthan) :

राजस्थान के दौसा जिले के पास दो पहाडिय़ों के बीच बसा हुआ मेहंदीपुर नामक स्थान है। यह मंदिर जयपुर-बांदीकुई-बस मार्ग पर जयपुर से लगभग 65 किलोमीटर दूर है। दो पहाडिय़ों के बीच की घाटी में स्थित होने के कारण इसे घाटा मेहंदीपुर भी कहते हैं। जनश्रुति है कि यह मंदिर करीब 1 हजार साल पुराना है। यहां पर एक बहुत विशाल चट्टान में हनुमान जी की आकृति स्वयं ही उभर आई थी। इसे ही श्री हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है।

इनके चरणों में छोटी सी कुण्डी है, जिसका जल कभी समाप्त नहीं होता। यह मंदिर तथा यहाँ के हनुमान जी का विग्रह काफी शक्तिशाली एवं चमत्कारिक माना जाता है तथा इसी वजह से यह स्थान न केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में विख्यात है। कहा जाता है कि मुगल साम्राज्य में इस मंदिर को तोडऩे के अनेक प्रयास हुए परंतु चमत्कारी रूप से यह मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ।

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता है कि यहां ऊपरी बाधाओं के निवारण के लिए आने वालों का तांता लगा रहता है। मंदिर की सीमा में प्रवेश करते ही ऊपरी हवा से पीडि़त व्यक्ति स्वयं ही झूमने लगते हैं और लोहे की सांकलों से स्वयं को ही मारने लगते हैं। मार से तंग आकर भूत प्रेतादि स्वत: ही बालाजी के चरणों में आत्मसमर्पण कर देते हैं।

8. डुल्या मारुति, पूना, महाराष्ट्र (Dulya Maruti Temple, Pune, Maharashtra) :

पूना के गणेशपेठ में स्थित यह मंदिर काफी प्रसिद्ध है। श्रीडुल्या मारुति का मंदिर संभवत: 350 वर्ष पुराना है। संपूर्ण मंदिर पत्थर का बना हुआ है, यह बहुत आकर्षक और भव्य है। मूल रूप से डुल्या मारुति की मूर्ति एक काले पत्थर पर अंकित की गई है। यह मूर्ति पांच फुट ऊंची तथा ढाई से तीन फुट चौड़ी अत्यंत भव्य एवं पश्चिम मुख है। हनुमानजी की इस मूर्ति की दाईं ओर श्रीगणेश भगवान की एक छोटी सी मूर्ति स्थापित है। इस मूर्ति की स्थापना श्रीसमर्थ रामदास स्वामी ने की थी, ऐसी मान्यता है। सभा मंडप में द्वार के ठीक सामने छत से टंगा एक पीतल का घंटा है, इसके ऊपर शक संवत् 1700 अंकित है।

9. श्री कष्टभंजन हनुमान मंदिर, सारंगपुर, गुजरात (Shree Kashtbhanjandev Hanumanji, Sarangpur, Gujarat) :Shree Kashtbhanjandev Hanumanji, Sarangpur, Gujarat

अहमदाबाद-भावनगर रेलवे लाइन पर स्थित बोटाद जंक्शन से सारंगपुर लगभग 12 मील दूर है। यहां एक प्रसिद्ध मारुति प्रतिमा है। महायोगिराज गोपालानंद स्वामी ने इस शिला मूर्ति की प्रतिष्ठा विक्रम संवत् 1905 आश्विन कृष्ण पंचमी के दिन की थी। जनश्रुति है कि प्रतिष्ठा के समय मूर्ति में श्रीहनुमानजी का आवेश हुआ और यह हिलने लगी। तभी से इस मंदिर को कष्टभंजन हनुमान मंदिर कहा जाता है। यह मंदिर स्वामीनारायण सम्प्रदाय का एकमात्र हनुमान मंदिर है।

10. यंत्रोद्धारक हनुमान मंदिर, हंपी,  कर्नाटक  (Yantrodharaka Anjaneya Hanuman Temple Hampi Karnataka) :Yantrodharaka Anjaneya Hanuman Temple

बेल्लारी जिले के हंपी नामक नगर में एक हनुमान मंदिर स्थापित है। इस मंदिर में प्रतिष्ठित हनुमानजी को यंत्रोद्धारक हनुमान कहा जाता है। विद्वानों के मतानुसार यही क्षेत्र प्राचीन किष्किंधा नगरी है। वाल्मीकि रामायण व रामचरित मानस में इस  स्थान का वर्णन मिलता है। संभवतया इसी स्थान पर किसी समय वानरों का विशाल साम्राज्य स्थापित था। आज भी यहां अनेक गुफाएं हैं। इस मंदिर में श्रीराम नवमी के दिन से लेकर तीन दिन तक विशाल उत्सव मनाया जाता है।

11. गिरजाबंध हनुमान मंदिर – रतनपुर – छत्तीसगढ़ (Girijabandh Hanuman Temple – Ratnpur – Chhattisgarh) :Girijabandh Hanuman Temple - Ratnpur - Chhattisgarh

बिलासपुर से 25 कि. मी. दूर एक स्थान है रतनपुर। इसे महामाया नगरी भी कहते हैं। यह देवस्थान पूरे भारत में सबसे अलग है। इसकी मुख्य वजह मां महामाया देवी और गिरजाबंध में स्थित हनुमानजी का मंदिर है। खास बात यह है कि विश्व में हनुमान जी का यह अकेला ऐसा मंदिर है जहां हनुमान नारी स्वरूप में हैं। इस दरबार से कोई निराश नहीं लौटता। भक्तों की मनोकामना अवश्य पूरी होती है।

12.  उलटे हनुमान का मंदिर, साँवरे, इंदौर  (Ulte Hanuman Mandir, Sanwer, Indore) :Ulte Hanuman Mandir, Sanwer, Indore

भारत की धार्मिक नगरी उज्जैन से केवल 30 किमी दूर स्थित है यह धार्मिक स्थान जहाँ भगवान हनुमान जी की उल्टे रूप में पूजा की जाती है।  यह मंदिर साँवरे नामक स्थान पर स्थापित है इस मंदिर को कई लोग रामायण काल के समय का बताते हैं।  मंदिर में भगवान हनुमान की उलटे मुख वाली सिंदूर से सजी मूर्ति विराजमान है। सांवेर का हनुमान मंदिर हनुमान भक्तों का महत्वपूर्ण स्थान है यहाँ आकर भक्त भगवान के अटूट भक्ति में लीन होकर सभी चिंताओं से मुक्त हो जाते हैं।  यह स्थान ऐसे भक्त का रूप है जो भक्त से भक्ति योग्य हो गया।

उलटे हनुमान कथा
भगवान हनुमान के सभी मंदिरों में से अलग यह मंदिर अपनी विशेषता के कारण ही सभी का ध्यान अपनी ओर खींचता है।  साँवेर के हनुमान जी के विषय में एक कथा बहुत लोकप्रिय है। कहा जाता है कि जब रामायण काल में  भगवान श्री राम व रावण का  युद्ध हो रहा था, तब अहिरावण ने एक चाल चली. उसने रूप बदल कर अपने को राम की सेना में शामिल कर लिया और जब रात्रि समय सभी लोग सो रहे थे,तब  अहिरावण ने अपनी जादुई शक्ति से श्री राम एवं लक्ष्मण जी को मूर्छित  कर उनका अपहरण कर लिया। वह उन्हें अपने साथ पाताल लोक में ले जाता है। जब वानर सेना को इस बात का पता चलता है तो चारों ओर हडकंप मच जाता है।  सभी इस बात से विचलित हो जाते हैं।  इस पर हनुमान जी भगवान राम व लक्ष्मण जी की खोज में पाताल लोक पहुँच जाते हैं और वहां पर अहिरावण से युद्ध करके उसका वध  कर देते हैं तथा श्री राम एवं लक्ष्मण जी के प्राँणों की रक्षा करते हैं।  उन्हें पाताल से निकाल कर सुरक्षित बाहर ले आते हैं।  मान्यता है की यही वह स्थान था जहाँ से हनुमान जी पाताल लोक की और गए थे।  उस  समय हनुमान जी के पाँव आकाश की ओर तथा सर धरती की ओर था जिस कारण उनके उल्टे रूप की पूजा की जाती है।

13. प्राचीन हनुमान मंदिर, कनॉट प्लेस, नई दिल्ली (Hanuman Mandir, Connaught Place, New Delhi) :Hanuman Mandir, Connaught Place, New Delhi

यहां महाभारत कालीन श्री हनुमान जी का एक प्राचीन मंदिर है।  यहाँ पर उपस्थित हनुमान जी स्वयम्भू हैं। बालचन्द्र अंकित शिखर वाला यह मंदिर आस्था का महान केंद्र है। दिल्ली का ऐतिहासिक नाम इंद्रप्रस्थ शहर है, जो यमुना नदी के तट पर पांडवों द्वारा महाभारत-काल में बसाया गया था। तब पांडव इंद्रप्रस्थ पर और कौरव हस्तिनापुर पर राज्य करते थे। ये दोनों ही कुरु वंश से निकले थे। हिन्दू मान्यता के अनुसार पांडवों में द्वितीय भीम को हनुमान जी का भाई माना जाता है। दोनों ही वायु-पुत्र कहे जाते हैं। इंद्रप्रस्थ की स्थापना के समय पांडवों ने इस शहर में पांच हनुमान मंदिरों की स्थापना की थी। ये मंदिर उन्हीं पांच में से एक है।

14. श्री बाल हनुमान मंदिर, जामनगर, गुजरात  (Bal Hanuman Mandir Jamnagar Gujarat) :Bal Hanuman Mandir Jamnagar Gujarat

सन् 1540 में जामनगर की स्थापना के साथ ही स्थापित यह हनुमान मंदिर, गुजरात के गौरव का प्रतीक है। यहाँ पर सन् 1964 से “श्री राम धुनी” का जाप लगातार चलता आ रहा है, जिस कारण इस मंदिर का नाम गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया है।

15. महावीर हनुमान मंदिर, पटना, बिहार (Mahavir Hanuman Mandir, Patna, Bihar) :Mahavir Hanuman Mandir, Patna, Bihar

पटना जंक्शन के ठीक सामने महावीर मंदिर के नाम से श्री हनुमान जी का मंदिर है।  उत्तर भारत में माँ वैष्णों देवी मंदिर के बाद यहाँ ही सबसे ज्यादा चढ़ावा आता है। इस मंदिर के अन्तर्गत महावीर कैंसर संस्थान, महावीर वात्सल्य हॉस्पिटल, महावीर आरोग्य हॉस्पिटल तथा अन्य बहुत से अनाथालय एवं अस्पताल चल रहे हैं। यहाँ श्री हनुमान जी संकटमोचन रूप में विराजमान हैं।

16. श्री पंचमुख आंजनेयर हनुमान,  तमिलनाडू (Panchamukhi Anjaneya Hanuman, Tamil nadu) :Panchamukhi Anjaneya Hanuman, Tamil nadu

तमिलनाडू के कुम्बकोनम नामक स्थान पर श्री पंचमुखी आंजनेयर स्वामी जी (श्री हनुमान जी) का बहुत ही मनभावन मठ है।  यहाँ पर श्री हनुमान जी की “पंचमुख रूप” में विग्रह स्थापित है, जो अत्यंत भव्य एवं दर्शनीय है। यहाँ पर प्रचलित कथाओं के अनुसार जब अहिरावण तथा उसके भाई महिरावण ने श्री राम जी को लक्ष्मण सहित अगवा कर लिया था, तब प्रभु श्री राम को ढूँढ़ने के लिए हनुमान जी ने पंचमुख रूप धारण कर इसी स्थान से अपनी खोज प्रारम्भ की थी। और फिर इसी रूप में उन्होंने उन अहिरावण और महिरावण का वध भी किया था।  यहाँ पर हनुमान जी के पंचमुख रूप के दर्शन करने से मनुष्य सारे दुस्तर संकटों एवं बंधनों से मुक्त हो जाता है।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े – भारत के अदभुत मंदिर
पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह

भगवान हनुमान से सम्बंधित अन्य लेख

  • भीम हनुमानजी प्रसंग – जानिए क्यों विराजित हुए हनुमान जी, अर्जुन के रथ के छत्र पर
  • भीम, हनुमान और पुरुषमृगा- हनुमान ने भीम को क्यों दिए अपने तीन बाल
  • पंचमुखी हनुमान की कहानी – जानिए पंचमुखी क्यो हुए हनुमान?
  • ये हैं वो 6 काम जो केवल कर सकते थे हनुमान
  • हनुमान ज्योतिष यंत्र: जानिए इससे धन, दाम्पत्य जीवन, प्रेम, रोग संबंधित प्रश्नों के उत्तर

Related posts:

जटोली शिव मंदिर - पत्थरों को थपथपाने पर आती है डमरू की आवाज
विश्व का एकमात्र अर्धनारीश्वर शिवलिंग, होता है शिव और मां पार्वती मिलन, Ardhanarishwar Shivling of K...
क्वारैंटाइन मंदिर राजस्थान, राजस्थान में एक ऐसा मंदिर जहां पार्वतीजी होम क्वारैंटाइन में और महादेव क...
गड़ियाघाट माता मंदिर - माता के इस मंदिर में नदी के पानी से जलती है अखंड ज्योत
सिंहाचलम मंदिर - यहाँ पर वराह और नृसिंह अवतार का सयुंक्त रूप विराजित है माँ लक्ष्मी के साथ
आदि विनायक मंदिर - इस एक मात्र मंदिर में इंसान के चेहरे में है श्रीगणेश की मूर्ति
12 ज्योतिर्लिंग और उनसे जुडी ख़ास बातें
अष्टभुजा धाम | Ashtbhuja Dham | इस मंदिर में बिना सिर वाली मूर्तियों की होती है पूजा
रामदेवरा मंदिर, रूणिचा धाम- बाबा रामदेव (रामापीर) का समाधी स्थल
चंद्रकेश्वर मंदिर- एक अनूठा मंदिर जहां पानी में समाएं हैं भगवान शिव, च्यवन ऋषि ने की थी स्थापना

24 thoughts on “भारत के प्रसिद्ध 16 हनुमान मंदिर | 16 famous Hanuman Temple of India”

  1. prem kumar says:
    July 31, 2023 at 9:50 am

    jai hanuman gyan gun sagar jai kapis tinhu lok ujagar. read complete hanuman chalisa

    Reply
  2. Chalisa Pdf says:
    June 2, 2023 at 10:25 am

    Jay Hanuman Gyan Guni Sagar

    Reply
  3. hanuman chalisa says:
    June 4, 2021 at 12:19 pm

    nice jai bajrangbali ki hanuman chalisa

    Reply
  4. Hanuman chalisa says:
    October 3, 2020 at 6:07 am

    Jai bajrang bali ji ki

    Reply
  5. Jai Bhole says:
    September 4, 2020 at 6:55 pm

    This is great article with lots of information about temple, Great Work!

    Reply
  6. Ram says:
    August 23, 2020 at 12:35 pm

    Thanks for This Amaziong Post

    Reply
  7. WhatsApp Group Links says:
    July 1, 2020 at 5:13 am

    Nice Information….

    Reply
  8. Ajay says:
    June 9, 2020 at 3:39 pm

    Jai Shree Ram: Very good article, which got a lot of information, write such articles and share the information.

    Reply
  9. durganavratri says:
    June 4, 2020 at 9:48 am

    Thanks for the Hanuman temples list. Jai Sri Ram. Jai Sri Hanuman.

    Reply
  10. Hemant says:
    February 9, 2020 at 4:22 pm

    Good info. To read Hanuman Chalisa in different languages please visit

    Reply
  11. Hanuman Chalisa says:
    January 27, 2020 at 2:28 pm

    Deoghar Babadham ke paas bhi ek bahut hi prasiddh Hanuman Ji ka sthan hai. Main wahan kai bar gaya hun. Use Tapowan kahten hain.

    Reply
  12. Bhakti Bharat says:
    May 12, 2019 at 7:25 am

    Famous Balaji or Hanuman Temples In Delhi NCR

    Reply
  13. shekhar vishwakarma says:
    October 24, 2016 at 2:29 am

    Aap ke sahyog se shree hanuman ji parbhu ka jeevan parichaye prapt hua isle lite SAP ka koti koti dhanyabad

    Reply
  14. Nitesh Kumar Karn says:
    July 14, 2016 at 10:03 pm

    Jai Shree Ram, Jai Hanuman
    Ye karta bhi ek puja hai, jinhone bhi ye jankari uplabdh karayee unhein bahut sukh aur shanti prapt hogi mere prabhu ki kripa se… Koti koti dhanyawad Ek bar prem se bolo
    Jai Shree Ram, Jai Hanuman

    Reply
  15. chaman kushwaha says:
    June 3, 2016 at 9:16 am

    jai shri ram

    sir mai allahabad se belong karta hu .
    jab ganga ji ka pani badta hai to lete huye hnumaan ji ko kahi or nahi le jaya jata balki ye wahi par he rahte hai.
    angrejo (british kaal) me kaye baar is hanumaan ji ki murte ko le jane ki kosis ki gaye par ye 1 inch bhi nahi hele thi.
    ha har saal maa ganga letey huye hanumaan ji ko nahlane ki liye apna jal jarur bada dete hai.

    Reply
  16. DHAVAL MASHRU says:
    April 25, 2016 at 10:25 pm

    nice site & real info. i like it…
    thnks

    Reply
  17. pranab kalita says:
    April 11, 2016 at 10:20 am

    Jai Hanuman

    Reply
  18. ayush pandey says:
    March 29, 2016 at 5:53 pm

    Jai shri raam jai bajrangbali… Aapke alava koi nahi is sansaar me Jo hamare kashton ko door kare…hey sankatmochan Teri jai ho…apko koti koti pranam

    Reply
  19. budhiram yadav says:
    March 29, 2016 at 4:30 am

    jay sri ram

    Reply
  20. Sunil Singh says:
    March 16, 2016 at 9:22 am

    Jay Shri Ram

    Jay hanuman

    Reply
  21. KESHAVANAND JHA says:
    February 10, 2016 at 5:49 pm

    SRIRAM BHAKTA HANUMANJEE JEE ADBHUT ADWITIYA AUR SANKATMOCHAN HAI UNKO SAT SAT NAMAN JAY SHRI RAM JAY HANUMANJEE KESHAVANAND JHA PATNA

    Reply
  22. VIKASH CHANDRA SRIVASTAVA says:
    January 2, 2016 at 3:28 am

    JAI HANUMAN JAI BAJRANG BALI

    Reply
  23. Payal Singh says:
    November 30, 2015 at 1:12 pm

    Nice Information….

    Reply
  24. Vijay_R says:
    September 25, 2015 at 9:40 am

    Chamatkarik Hanumanji near Nagpur (Maharashtra) is a gigantic Hanumanji in reclining position. Resting under a tree, the idol has self-emerged from the ground and the beauty or magnificence of the idol is amazing.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/28/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme