Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

मरते वक़्त बालि ने, अंगद से कही थी ये तीन ज्ञान की बातें। आप भी जानिए  

Posted on February 14, 2017 by Pankaj Goyal

रामायण में जब श्रीराम ने बालि को बाण मारा तो वह घायल होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा था। इस अवस्था में जब पुत्र अंगद उसके पास आया तब बालि ने उसे ज्ञान की कुछ बातें बताई थीं। ये बातें आज भी हमें कई परेशानियों से बचा सकती हैं। यहां जानिए ये बातें कौन सी हैं…

यह भी पढ़े –  रावण-अंगद संवाद : ये 14 बुरी आदतें जीवित को भी बना देती हैं मृत समान

Bali Angad Hindi Story

मरते समय बालि ने अंगद से कही ये बातें

बालि ने कहा-

देशकालौ भजस्वाद्य क्षममाण: प्रियाप्रिये।
सुखदु:खसह: काले सुग्रीववशगो भव।।

इस श्लोक में बालि ने अगंद को ज्ञान की तीन बातें बताई हैं…

  1.  देश काल और परिस्थितियों को समझो।
  2.  किसके साथ कब, कहां और कैसा व्यवहार करें, इसका सही निर्णय लेना चाहिए।
  3.  पसंद-नापसंद, सुख-दु:ख को सहन करना चाहिए और क्षमाभाव के साथ जीवन व्यतीत करना चाहिए।

बालि ने अंगद से कहा ये बातें ध्यान रखते हुए अब से सुग्रीव के साथ रहो। आज के समय में भी यदि इन बातों का ध्यान रखा जाए तो हर इंसान बुरे समय से बच सकता है। अच्छे-बुरे हालात में शांति और धैर्य के साथ आचरण करना चाहिए।

ये है बालि वध का प्रसंग

जब बालि श्रीराम के बाण से घायल होकर पृथ्वी पर गिर पड़ा, तब बालि में श्रीराम से कहा कि आप धर्म की रक्षा करते हैं तो मुझे (बालि को) इस प्रकार बाण क्यों मारा?

इस प्रश्न के जवाब में श्रीराम ने कहा कि छोटे भाई की पत्नी, बहिन, पुत्र की पत्नी और पुत्री, ये सब समान होती हैं और जो व्यक्ति इन्हें बुरी नजर से देखता है, उसे मारने में कुछ भी पाप नहीं होता है। बालि, तूने अपने भाई सुग्रीव की पत्नी पर बुरी नजर रखी और सुग्रीव को मारना चाहा। इस पाप के कारण तुझे बाण मारा है। इस जवाब से बालि संतुष्ट हो गया और श्रीराम से अपने किए पापों की क्षमा याचना की। इसके बाद बालि ने अगंद को श्रीराम की सेवा में सौंप दिया।

इसके बाद बालि ने प्राण त्याग दिए। बाली की पत्नी तारा विलाप करने लगी। तब श्रीराम ने तारा को ज्ञान दिया कि यह शरीर पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु से मिलकर बना है। बालि का शरीर तुम्हारे सामने सोया है, लेकिन उसकी आत्मा अमर है तो विलाप नहीं करना चाहिए। इस प्रकार समझाने के बाद तारा शांत हुई। इसके बाद श्रीराम में सुग्रीव को राज्य सौंप दिया।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े – भारत के अदभुत मंदिर
सम्पूर्ण पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह

अन्य सम्बंधित लेख

  • असीरगढ़ का किला – श्रीकृष्ण के श्राप के कारण यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, किले के शिवमंदिर में प्रतिदिन करते है पूजा
  • 16 पौराणिक कथाएं – पिता के वीर्य और माता के गर्भ के बिना जन्मे पौराणिक पात्रों की
  • दो माँ से आधा-आधा पैदा हुआ था जरासंध, जानिए जरासंध से जुडी कुछ रोचक बातें
  • भगवान परशुराम के जीवन से जुडी रोचक बातें
  • बच्चों ने ही बाँध दिया था रावण को अस्तबल में , जानिए रावण के जीवन से जुडी ख़ास बातें

Related posts:

स्कंद षष्ठी व्रत एवं पूजन विधि | महत्व | भगवान कार्तिकेय का जन्म कथा
मत्स्य जयंती की पौराणिक कथा
गुड़ी पड़वा क्यों, कैसे मनाते है | पौराणिक कथा
नारी गहने क्यों पहनती है? गहनों का महत्व
गोगाजी की जीवनी और गोगा नवमी की कथा
उनाकोटी - 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां, क्या है रहस्य
नागपंचमी की पौराणिक कथाएं
युधिष्ठर को पूर्ण आभास था, कि कलयुग में क्या होगा ?
वरुथिनी एकादशी का महत्व, व्रत विधि एवं व्रत कथा, वरुथिनी एकादशी
आखिर ! भगवान श्री कृष्ण का दामोदर नाम क्यों पडा ।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

05/08/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme