Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

कलियुग में फिर जन्मे थे पांडव, जानिए किसने कहां लिया था जन्म | भविष्य पुराण

Posted on June 27, 2017May 8, 2020 by Pankaj Goyal

Rebirth Of Pandavas In Kaliyug | भविष्य पुराण में अश्वत्थामा द्वारा पांडव पुत्रों के वध का तथा तत्पश्चात पांडवो द्वारा शिवजी से युद्ध का विस्तार से वर्णन है। भविष्य पुराण में ही यह बताया गया है कि शिवजी से युद्ध करने के कारण पांडवो को कलियुग में पुनः जन्म लेना पड़ा था। आइए जानते है विस्तार से इस प्रसंग को –

यह भी पढ़े – भविष्यपुराण में ब्रह्माजी ने बताई हैं पुरुषों से जुड़ी ये गुप्त बातें

Rebirth Of Pandavas In Kaliyug, Hindi, Story,

भविष्यपुराण के अनुसार, आधी रात के समय अश्वत्थामा, कृतवर्मा और कृपाचार्य यो तीनों पांडवों के शिविर के पास गए और उन्होंने मन ही मन भगवान शिव की आराधना कर उन्हें प्रसन्न कर लिया। इस पर भगवान शिव ने उन्हें पांडवों के शिविर में प्रवेश करने की आज्ञा दे दी। जिसके बाद अश्र्वत्थामा में पांडवों के शिविर में घुसकर शिवजी से प्राप्त तलवार से पांडवों के सभी पुत्रों का वध कर दिया और वहां से चले गए।

जब पांडवों को इसके बारे में पता चला तो उन्होंने इसे भगवान शिव की ही करनी समझकर उनसे युद्ध करने के लिए चले गए। जैसे ही पांडव शिवजी से युद्ध करने के लिए उनके सामने पहुंचे उनके सभी अस्त्र-शस्त्र शिवजी में समा गए और शिवजी बोले तुम सभी श्रीकृष्ण के उपासक को इसलिए इस जन्म में तुम्हे इस अपराध का फल नहीं मिलेगा, लेकिन इसका फल तुम्हें कलियुग में फिर से जन्म लेकर भोगना पड़ेगा।

भगवान शिव की यह बात सुनकर सभी पांडव दुखी हो गए और इसके विषय में बात करने के लिए श्रीकृष्ण के पास पहुंच गए, तब श्रीकृष्ण ने उन्हें बताया कि कौन-सा पांडव कलियुग में कहां और किसके घर जन्म लेगा।

कलियुग में फिर जन्मे थे पांडव |Rebirth Of Pandavas In Kaliyug

भविष्यपुराण के अनुसार, कलियुग में युधिष्ठिर वत्सराज नाम के राजा के पुत्र बनें और कलियुग में उनका नाम था मलखान।

कलियुग में भीम वीरण के नाम से जन्मे थे और वे वनरस नाम के राज्य के राजा बने।

कलियुग में अर्जुन का जन्म परिलोक नाम के राजा के यहां हुआ और उनका नाम था ब्रह्मानन्द।

कलियुग में नकुल का जन्म कान्यकुब्ज के राजा रत्नभानु हुआ,उनका नाम था लक्षण।

कलियुग में धृतराष्ट्र का जन्म अजमेर में पृथ्वीराज के रूप में हुआ और द्रोपदी ने उनकी पुत्री के रूप में जन्म लिए, जिसका नाम वेला था।

कलियुग में महादानी कर्ण ने तारक नाम के राजा के रूप में जन्म लिया।

कलियुग में सहदेव ने भीमसिंह नामक राजा के घर में देवीसिंह के नाम से जन्म लिया।

सम्पूर्ण पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह

Other Similar Post-

  • पौराणिक कहानी: सेक्स कौन ज़्यादा एंजाय करता है – स्त्री या पुरुष?
  • भागवत पुराण- इसलिए होता है महिलाओं को मासिक धर्म
  • महाभारत युद्ध में कौरवों का विनाश करने के लिए श्री कृष्ण को क्यों उठाना पड़ा था सुदर्शन चक्र?
  • श्री कृष्ण ने क्यों किया कर्ण का अंतिम संस्कार अपने ही हाथों पर?, जानिए कर्ण से जुडी कुछ ऐसी ही रोचक बातें ।
  • एक रात के लिए पुनर्जीवित हुए थे महाभारत युद्ध में मारे गए वीर 

Related posts:

श्री हनुमान चालीसा का भावार्थ | Hanuman Chalisa Ka Bhavarth
स्कंद षष्ठी व्रत एवं पूजन विधि | महत्व | भगवान कार्तिकेय का जन्म कथा
मत्स्य जयंती की पौराणिक कथा
गुड़ी पड़वा क्यों, कैसे मनाते है | पौराणिक कथा
वैदिक घड़ी क्या कहती है?
क्यों समझ से बाहर है "स्त्री" ?
नारी गहने क्यों पहनती है? गहनों का महत्व
गोगाजी की जीवनी और गोगा नवमी की कथा
उनाकोटी - 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां, क्या है रहस्य
नागपंचमी की पौराणिक कथाएं

1 thought on “कलियुग में फिर जन्मे थे पांडव, जानिए किसने कहां लिया था जन्म | भविष्य पुराण”

  1. Arvind says:
    July 17, 2017 at 3:36 am

    अनोखी जानकारी !
    यह तो पहली बार पढने को मिला.

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

05/02/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme