Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu
Manav Sharir Ka Rahasya

आखिर ! क्या है मानव शरीर का रहस्य ?

Posted on April 8, 2018 by Pankaj Goyal

Manav Sharir Ka Rahasya | हे खग ! अब नर देह के दो रुपों के विषय में सुनो – एक व्यवहारिक तथा दूसरा पारमार्थिक है।

हे विनतासुत ! व्यवहारिक शरीर में साढ़े तीन करोड़ रोम, सात लाख केश, बीस नख तथा बत्तीस दाँत सामान्यत: बताए गए हैं। इस शरीर में एक हजार पल मांस, सौ पल रक्त, दस पल मेदा, सत्तर पल त्वचा, बारह पल मज्जा और तीन पल महारक्त होता है। पुरुष के शरीर में दो कुड़व शुक्र और स्त्री के शरीर में एक कुड़व शोणित (रज) होता है। संपूर्ण शरीर में तीन सौ साठ हड्डियाँ कही गई हैं। शरीर में स्थूल और सूक्ष्मरूप से करोड़ों नाड़ियाँ हैं। इसमें पचास पल पित्त और उसका आधा अर्थात पच्चीस पल श्लेष्मा (कफ) बताया गया है।

Manav Sharir Ka Rahasya

सदा होने वाले विष्ठा और मूत्र का प्रमाण निश्चित नहीं किया गया है। व्यवहारिक शरीर इन उपर्युक्त गुणों से युक्त है। पारमार्थिक शरीर में सभी चौदहों भुवन, सभी पर्वत, सभी द्वीप एवं सभी सागर तथा सूर्य आदि ग्रह सूक्ष्म रूप से विद्यमान रहते हैं। पारमार्थिक शरीर में मूलाधार आदि छ: चक्र होते हैँ। ब्रह्माण्ड में जो गुण कहे गए हैं, वे सभी इस शरीर में स्थित हैं

योगियों के धारणास्पद उन गुणों को मैं बताता हूँ, जिनकी भावना करने से जीव विराट स्वरुप का भागी हो जाता है। पैर के तलवे में तललोक तथा पैर के ऊपर वितललोक जानना चाहिए। इसी प्रकार जानु में सुतललोक और जाँघों में महातल लोक जानना चाहिए। सक्थि के मूल में तलातल, गुह्यस्थान में रसातल, कटिप्रदेश में पाताल – इस प्रकार पैरों के तलवों से लेकर कटिपर्यन्त सात अधोलोक कहे गए हैं।

नाभि के मध्य में भूर्लोक, नाभि के ऊपर भुवर्लोक, हृदय में स्वर्लोक, कण्ठ में महर्लोक, मुख में जनलोक, ललाट में तपोलोक और ब्रह्मरन्ध्र में सत्यलोक स्थित है। इस प्रकार चौदह लोक पारमार्थिक शरीर में स्थित हैं। त्रिकोण के मध्य में मेरु, अध:कोण में मन्दर, दाहिने कोण में कैलास, वामकोण में हिमाचल, ऊर्ध्वरेखा में निषध, दाहिनी ओर की रेखा में गन्धमादन तथा बायीं ओर की रेखा में रमणाचल नामक पर्वत स्थित है। ये सात कुलपर्वत इस पारमार्थिक शरीर में है।

अस्थि में जम्बूद्वीप, मज्जा में शाकद्वीप, मांस में कुशद्वीप, शिराओं में क्रौंचद्वीप, त्वचा में शाल्मलीद्वीप, रोमसमूह में गोमेदद्वीप और नख में पुष्करद्वीप की स्थिति जाननी चाहिए। तत्पश्चात सागरों की स्थिति इस प्रकार है – हे विनतासुत ! क्षारसमुद्र मूत्र में, क्षीरसागर दूध में, सुरा का सागर श्लेष्म (कफ) में, घृत का सागर मज्जा में, रस का सागर शरीरस्थ रस में और दधिसागर रक्त में स्थित समझना चाहिए। स्वादूदक सागर को लम्बिका स्थान (कण्ठ के लटकते हुए भाग अथवा उपजिह्वा या काकल) में समझना चाहिए।

नादचक्र में सूर्य, बिन्दु चक्र में चन्द्रमा, नेत्रों में मंगल और हृदय में बुध को स्थित समझना चाहिए। विष्णुस्थान अर्थात नाभि में स्थित मणिपूरक चक्र में बृहस्पति तथा शुक्र में शुक्र स्थित हैं, नाभिस्थान नाभि (गोलक) में शनैश्चर स्थित है और मुख में राहु स्थित कहा गया है। वायु स्थान में केतु स्थित है, इस प्रकार समस्त ग्रहमण्डल इस पारमार्थिक शरीर में विद्यमान है। इस प्रकार अपने इस शरीर में समस्त ब्रहमाण्ड का चिन्तन करना चाहिए। (गरुड़ पुराण)

आचार्य, डा.अजय दीक्षित

डा. अजय दीक्षित जी द्वारा लिखे सभी लेख आप नीचे TAG में Dr. Ajay Dixit पर क्लिक करके पढ़ सकते है।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –  भारत के अदभुत मंदिर

सम्पूर्ण पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह

अन्य संबंधित लेख – 

  • आखिर जनक ने सीता स्वयंवर में अयोध्या नरेश दशरथ को आमंत्रण क्यों नहीं भेजा
  • अदभुत रहस्य :- आखिर क्यों निगला सीताजी ने लक्ष्मण को
  • कैसे हुआ बालि और सुग्रीव का जन्म तथा कैसे पड़ा ऋष्यमूक पर्वत का नाम
  • माता सीता से सम्बंधित कुछ रोचक और अनसुनी बातें
  • भगवान शिव ने ही दिया था विष्णु को सुदर्शन चक्र, जानिए पुराणों में वर्णित एक रोचक कथा

Related posts:

श्री हनुमान चालीसा का भावार्थ | Hanuman Chalisa Ka Bhavarth
वैदिक घड़ी क्या कहती है?
क्यों समझ से बाहर है "स्त्री" ?
आखिर क्या है ! संसार में माता का स्थान
भगवान शिव के आदेश पर लिखी गई श्री रामचरितमानस
विष्णु स्मृति - अपवित्र होने के बावजूद ये 4 चीजें मानी जाती हैं पवित्र
बृहत्संहिता | Brihat Samhita | चलने के तरीके से पता चलती है लड़कियों की ये खास बातें
सुखी वैवाहिक जीवन के लिए फॉलो करे रामायण की ये 7 बातें
भविष्य पुराण - पुरुषों के पैर बताते है की वो भाग्यशाली है या नहीं
वराहपुराण के अनुसार इन 2 रंगों के कपड़ें पहनकर नहीं करनी चाहिए पूजा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

05/02/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme