Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

ये हैं कुंडली में 10 प्रमुख राजयोग, दिलाते है धन, ऐश्वर्य और मान-सम्मान

Posted on September 16, 2016 by Pankaj Goyal

Raj Yoga Reading In Kundali : क्या होता है राजयोग (What is Raj Yoga?)- राजयोग का अर्थ होता है कुंडली में ग्रहों का इस प्रकार से मौजूद होना की सफलताएं, सुख, पैसा, मान-सम्मान आसानी से प्राप्त हो। जिन लोगों की कुंडली में राजयोग होते हैं, उन्हें सभी सुख-सुविधाएं मिलती हैं और वे शाही जीवन व्यतीत करते हैं। यहां जानिए कुंडली के 10 प्रमुख राजयोग (Raj Yoga)…

Must Read- Palmistry and Rajyoga : हस्तरेखा शास्त्र और राजयोग

Raj Yoga In Kundali, Hindi, Reading, Types of Rajyoga, Rajyoga ke Prakar

लक्ष्मी योग- कुंडली के किसी भी भाव में चंद्र-मंगल का योग बन रहा है तो जीवन में धन की कमी नहीं होती है। मान-सम्मान मिलता है। सामजिक प्रतिष्ठा बढ़ती है।

रूचक योग- मंगल केंद्र भाव में होकर अपने मूल त्रिकोण (पहला, पांचवा और नवा भाव), स्वग्रही (मेष या वृशिचक भाव में हो तो) अथवा उच्च राशि (मकर राशि) का हो तो रूचक योग बनता है। रूचक योग होने पर व्यक्ति बलवान, साहसी, तेजस्वी, उच्च स्तरीय वाहन रखने वाला होता है। इस योग में जन्मा व्यक्ति विशेष पद प्राप्त करता है।

भद्र योग- बुध केंद्र में मूल त्रिकोण स्वगृही (मिथुन या कन्या राशि में हो)अथवा उच्च राशि (कन्या) का हो तो भद्र योग बनता है। इस योग से व्यक्ति उच्च व्यवसायी होता है। व्यक्ति अपने प्रबंधन, कौशल, बुद्धि-विवेक का उपयोग करते हुए धन कमाता है। यह योग सप्तम भाव में होता है तो व्यक्ति देश का जाना माना उधोगपति बन जाता है।

हंस योग- बृहस्पति केंद्र भाव में होकर मूल त्रिकोण स्वगृही (धनु या मीन राशि में हो) अथवा उच्च राशि (कर्क राशि) का हो तब हंस योग होता है। यह योग व्यक्ति को सुन्दर, हंसमुख, मिलनसार, विनम्र और धन-सम्पति वाला बनाता है। व्यक्ति पुण्य कर्मों में रूचि रखने वाला, दयालु, शास्त्र का ज्ञान रखने वाला होता है।

मालव्य योग- कुंडली के केंद्र भावों में स्तिथ शुक्र मूल त्रिकोण अथवा स्वगृही (वृष या तुला राशि में हो) या उच्च (मीन राशि) का हो तो मालव्य योग बनता है। इस योग से व्यक्ति सुन्दर, गुणी, तेजस्वी, धैर्यवान, धनी तथा सुख-सुविधाएं प्राप्त करता है।

शश योग- यदि कुंडली में शनि की खुद की राशि मकर या कुम्भ में हो या उच्च राशि (तुला राशि) का हो या मूल त्रिकोण में हो तो शश योग बनता है। यह योग सप्तम भाव या दशम भाव में हो तो व्यक्ति अपार धन-सम्पति का स्वामी होता है। व्यवसाय और नौकरी के क्षेत्र में ख्याति और उच्च पद को प्राप्त करता है।

गजकेसरी योग- जिसकी कुंडली में शुभ गजकेसरी योग होता है, वह बुद्धिमान होने के साथ ही प्रतिभाशाली भी होता है। इनका व्यक्तित्व गंभीर व प्रभावशाली भी होता है। समाज में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त करते है। शुभ योग के लिए आवश्यक है कि गुरु व चंद्र दोनों ही नीच के नहीं होने चाहिए। साथ ही, शनि या राहु जैसे पाप ग्रहों से प्रभावित नहीं होना चाहिए।

सिंघासन योग- अगर सभी ग्रह दूसरे, तीसरे, छठे, आठवे और बारहवे घर में बैठ जाए तो कुंडली में सिंघासन योग बनता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति शासन अधिकारी बनता है और नाम प्राप्त करता है।

चतुःसार योग- अगर कुंडली में ग्रह मेष, कर्क तुला उर मकर राशि में स्तिथ हो तो ये योग बनता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति इच्छित सफलता जीवन में प्राप्त करता है और किसी भी समस्या से आसानी से बाहर आ जाता है।

श्रीनाथ योग- अगर लग्न का स्वामी, सातवे भाव का स्वामी दसवे घर में मौजूद हो और दसवे घर का स्वामी नवे घर के स्वामी के साथ मौजूद हो तो श्रीनाथ योग का निर्माण होता है। इसके प्रभाव से जातक को धन, नाम, ताश, वैभव की प्राप्ति होती है।

विशेष- कुंडली में राजयोग का अध्ययन करते वक़्त अन्य शुभ और अशुभ ग्रहो के फलों का भी अध्ययन जरुरी है। इनके कारण राजयोग का प्रभाव कम या ज्यादा हो सकता है।

कैसे राजयोग को मजबूत किया जा सकता है?
अगर कुंडली में राजयोग हो और वो कमजोर हो तो नव रत्नों की सहायता से, मंत्र जप आदि करके भी जीवन को सफल बनाया जा सकता है। साथ ही यह बात भी ध्यान रखनी चाहिए की राज योग नहीं होने पर भी व्यक्ति बहुत सफल हो सकते है अगर कुंडली में ग्रह शुभ और शक्तिशाली हो।

ज्योतिष से सम्बंधित अन्य लेख यहाँ पढ़े –  ज्योतिष शास्त्र से सम्बंधित लेख

Other Similar Post :

  • धन प्राप्ति से जुड़े 30 गुप्त संकेत
  • हथेली के ये शुभ-अशुभ संकेत बदल सकते हैं आपकी किस्मत
  • एस्ट्रोलॉजी- हथेेली में चतुष्कोण के होने से बदल जाते है रेखाओं के फल
  • हस्तरेखा ज्योतिष – जानिए क्या कहता है आपकी हथेली का रंग
  • अंगूठे से पता चलती हैं स्वभाव की ये 20 बातें

Raj Yoga In Kundali, Hindi, Reading, Types of Raj yoga, Raj yoga ke Prakar,

Related posts:

धनतेरस पर करे राशिनुसार उपाय होगी धन की बरसात
रक्षाबंधन पर करे यह उपाय आयेगी सुख समृद्धि
12 प्रकार के कालसर्प दोष व नागपंचमी पर करें कालसर्प दोष उपाय
भगवान शिव जी होंगे अत्‍यंत प्रसन्‍न राशि अनुसार करें पूजन
घर में सुख - शांति के लिए मंत्र
शादी जल्दी होने के उपाय
घर में सुख-शांति बनाएं रखने के उपाय
शरद पूर्णिमा के राशि अनुसार उपाय | Sharad Purnima Ke Rashi Anusar Upay
हरियाली अमावस्या पर वृक्षारोपन, राशि अनुसार लगाए पौधे, हरियाली अमावस्या पर्व के फायदे
मकर संक्रांति पर धन लाभ के लिए राशि अनुसार दान करे ये चीज़ें

1 thought on “ये हैं कुंडली में 10 प्रमुख राजयोग, दिलाते है धन, ऐश्वर्य और मान-सम्मान”

  1. shivam kumar gangwar says:
    April 26, 2017 at 4:58 pm

    sir,
    my birthdate-27/7/1993 place-pilibhit,up,india time-12:12
    sir mera future muje normal nahi lag rah h….i am very confuced…sir meri kundali kya kahti h..

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

05/07/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme