Ye 6 Log Jarur Chadhaye Suryadev Ko Jal | सूर्य देव को जल अर्पित करने की परंपरा सनातन काल से चली आ रही है। रामायण में स्वयं भगवान श्री राम द्वारा और महाभारत में कर्ण द्वारा सूर्य देव को जल चढाने का उल्लेख मिलता हैं।सूर्य को जल चढ़ाने से धर्म लाभ के साथ ही स्वास्थ्य लाभ भी मिलते हैं।
Ye 6 Log Jarur Chadhaye Suryadev Ko Jal , ये 6 लोग जरूर चढ़ाएं सूर्य को जल

- जिन लोगों की कुंडली में सूर्य कमजोर हो उन लोगों को सूर्य को जल अवशय चढ़ाना चाहिए इससे कुंडली में सूर्य मजबूत होता है और शुभ फल देता हैं।
- जिन लोगों में आत्म-विश्वास की कमी हो उन्हें भी सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है।
- ऐसे लोग जो भीड़ में घबराते है उन्हें भी सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए इससे उनकी घबराहट दूर होती है।
- ऐसे लोग जो निराशावादी होते है और जिन पर नकारात्मकता हावी रहती है उन्हें भी सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए इससे उनकी नकारात्मकता दूर होती है और मन प्रसन्न रहता है।
- जिन लोगों को कोई अज्ञात भय सताता रहता है उन्हें भी सूर्य को जल चढाने से बहुत फायदा होता है और उनका भय काम होता है।
- जिन लोगों को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की ज्यादा आस होती है, यदि वे लोग भी सूर्य को जल चढ़ाएं तो उनका घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान बढ़ता है।
इन सभी 6 प्रकार के लोगों को रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य को जल पुरे विधि विधान से चढ़ाना चाहिए। यदि वो ऐसा करेंगे तो उन्हें अवशय शुभ फल प्राप्त होंगे।
ये हैं सूर्य को जल चढ़ाने का सरल तरीका
- सूर्यदेव को जल चढ़ाने के लिए रोज सुबह जल्दी बिस्तर छोड़ देना चाहिए। स्नान के बाद तांबे के लोटे से सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। जल चढ़ाते समय दोनों हाथों से लोटे को पकड़कर रखना चाहिए।
- लोटे में जल के साथ ही लाल फूल, कुमकुम और चावल भी जरूर डालना चाहिए।
- सूर्य को अर्घ्य देते समय जल की गिरती धार से सूर्य की किरणों को जरूर देखना चाहिए।
- पूर्व दिशा की ओर ही मुख करके ही सूर्य को जल चढ़ाना चाहिए।
- ध्यान रखें जल चढ़ाते समय जमीन पर गिरा हुआ आपके पैरों तक नहीं पहुंचना चाहिए। किसी ऐसी जगह से सूर्य को जल चढ़ाएं, जहां से सूर्य को अर्पित किया गया किसी के पैरों में न आए।
- जल चढ़ाते समय सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जाप करते रहना चाहिए।
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