Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

‘गढ़ पहरा’ किले का रहस्य- इस किले में आज भी भटकती है एक नाटिन की आत्मा, पर क्यों?

Posted on August 27, 2015March 8, 2016 by Pankaj Goyal

Ghar Pahra fort story :  ये कहानी साजिश और धोखे की है। एक नटिन, जिसकी आत्मा आज भी पता नहीं किस बात के लिए दर-दर भटक रही है। नट भारत में करतब दिखाने वाली एक जाति होती है। कहते हैं कि आज से कई सौ साल पहले मध्य प्रदेश के सागर जिले में ‘गढ़ पहरा’ में खतरनाक करतब दिखाने के दौरान एक नटिन के साथ यहां की रानी ने धोखा किया था। इस धोखे की वजह से नटिन की मौत हो गई थी। नटिन की मौत के वियोग में नट की भी जान निकल गई थी। गढ़ पहरा किले को लोग भुतहा मानते हैं। यह पूरी तरह सुनसान है। यहां शाम के बाद लोग डर की वजह से अकेले नहीं जाते।

Ghar Pahra fort story, Kahani in Hindi

यहां के लोगों का दावा है कि तब से लेकर आज तक नट-नटिन की आत्मा किले और महल के आस-पास घूमती रहती है। हालांकि, इतिहास में इस तरह का कोई लिखित साक्ष्य नहीं है। अलबत्ता, कुछ पुरानी मीडिया रिपोर्ट्स में जरूर इस बात का जिक्र किया गया है। यहां के कुछ लोग तो नट-नटिन की आत्मा द्वारा एक दर्दभरा गीत भी गाए जाने का दावा करते हैं। लोगों के मुताबिक उस गाने का बोल ‘गई रात अब पहर थोड़े…’ है।

Gadh pahera fort sagar history

ऐतिहासिक है ये जगह

नट और नटिन से जुड़ी किवदंती के मुताबिक किसी जमाने में यहां एक बूढ़े राजा का शासन था। बुंदेलखंड में पड़ने वाला ‘गढ़ पहरा’ उसकी राजधानी थी। उस दौरान राज्य में एक नट और नटिनी के खतरनाक करतबों और रस्सी पर चलने के दौरान उनके संतुलन की खूब चर्चाएं होती थी। राजा ने भी नटों का ये करतब देखने की इच्छा जताई। वैसे गढ़ पहरा जुड़े ऐतिहासिक साक्ष्य भी हैं लेकिन, उसमें इस तरह के किसी कहानी की चर्चा नहीं है। ये जगह मराठों और मुगलों के दौर में मशहूर रियासतों में गिनी जाती थी।

Mysterious Gadh Pehara Fort

दरबार में बुलाए गए थे नट

बूढ़े राजा की इच्छा के मुताबिक मंत्रियों ने नटों को राज दरबार पहुंचने का संदेशा भेजा। नट अपनी पत्नी के साथ राजा के दरबार पहुंचा। कहते हैं कि नट की पत्नी बहुत ख़ूबसूरत थी। दरबार में राजा ने नट से कहा – राज्य में तुम्हारे करतबों की काफी तारीफ़ हो रही है। मैं भी तुम्हारा एक हैरतअंगेज करतब देखना चाहता हूं। अगर सच में तुमने ऐसा करतब करके दिखाया तो पुरस्कार के रूप में आधा राज्य दे दिया जाएगा।

रस्सियों पर चलकर पार करनी थी खतरनाक खाई

बूढ़े राजा ने नट को जो करतब दिखाने के लिए कहा था, वह बहुत खतरनाक था। दरअसल, इस करतब में किले के ऊंचे परकोटे से लेकर दूसरी ओर पहाड़ों में एक रस्सी बांधी जानी थी। बीच रास्ते में गहरी और खतरनाक खाई थी। इस रस्सी पर चलकर नटिन को उस पार पहुंचना था।

Ghar Pahra fort story

असमंजस में थे नट और नटिन

राजा की इस इच्छा पर नट और नटिन असमंजस में पड़ गए। पहले उन्होंने कभी इतना खतरनाक करतब नहीं किया था। इसे करने में उनकी जान भी जा सकती थी और अगर वे इनकार करते तो बूढ़ा राजा उनसे नाराज हो सकता था। वे राजा को भी नाराज नहीं करना चाहते थे। लिहाजा नटों ने करतब के लिए अपनी हामी दे दी। तुरंत ही राजा के आदेश पर करतब की तैयारी शुरू हो गई।

नटों ने दुख में बिताई थी आखिरी रात

उस रात नट ठीक से सो नहीं पाए। ये रात उनके जीवन की आखिरी रात साबित हुई। उन्होंने पूरी रात जागकर गाते हुए बिताई। उनकी आवाज बूढ़े राजा के महल तक पहुंच रही थी। कहते हैं कि गीत के बोल कुछ ‘गई रात और पहर थोड़े…’ थी। किवदंती के मुताबिक़ बूढ़े राजा का बेटा, उस रात अपने पिता की ह्त्या करना चाह रहा था। उसे राज्य की सत्ता का लालच था। यह भी कहते हैं कि उसी रात शादी नहीं होने से परेशान राजा की बेटी भी महल छोड़कर भागना चाहती थी, जबकि उसी रात राजा की पत्नी भी इस बात से दुखी थी कि करतब दिखाकर नट-नटिन उनका आधा राज्य ले लेंगे। नटिन के गाने को सुनकर राजा के बेटे ने अपना मन बदल लिया। उसने सोचा, अब बूढ़ा पिता कितने दिन जीवित रहेगा? जबकि, बेटी ने भी यह सोचकर अपना मन बदल लिया कि जैसे – इतना दिन बीत गया है, वैसे ही कुछ और दिन गुजर जाएंगे।

Ghar Pahra fort story

धोखे में ले ली गई नटिन की जान

सुबह तय वक्त पर इस खतरनाक खेल को देखने के लिए हजारों की संख्या में राज्य की जनता उमड़ पड़ी। महल के परकोटे से दूसरे छोर तक ऊंचाई पर बंधी रस्सी देखकर ही लोगों को भय लगा था। राजा अपने महल की छत पर राज परिवार के साथ करतब देखने के लिए बैठा था। नट ने नगाड़े की थाप दी और रस्सी पर चलकर खाई पार करने का खतरनाक खेल शुरू हो गया। नटिन बांस की डंडी के सहारे रस्सी पर चलने लगी। कथा के मुताबिक रस्सी पर गजब का संतुलन दिखाते हुए नटिन कुछ ही देर में आधे रास्ते तक पहुंच गई थी। उसके ऐसा करते ही रानी की चिंताएं बढ़ने लगी। नटिन पर राजा की आसक्ति देखकर रानी को लगा कि आधा राज तो जाएगा ही, कहीं राजा नटिन से विवाह भी न कर ले। तभी रानी ने एक खतरनाक फैसला लिया। जिस रस्सी पर नटिन चल रही थी, रानी ने उसे कटवा दिया। नीचे चट्टानों पर गिरने से नटिन की मौत हो गई। जबकि नटिन के वियोग में नट ने भी नगाड़े पर थाप देते-देते अपनी जान दे दी।

तहस-नहस हो गया पूरा राज्य, लोगों को दिख चुकी है आत्मा

कहते हैं कि नट-नटिन की मौत के कुछ ही दिन बाद बूढ़े राजा का पूरा राज्य तहस-नहस हो गया। सागर में किले से सटे हाईवे पर रात के दौरान कई वाहन चालकों ने एक महिला को टहलते हुए देखने का दावा किया है। लोग मानते हैं कि ये उसी नटिन की आत्मा है, जिसकी जान रानी के धोखे में चली गई थी। कुछ लोगों ने किले के पास रात में दर्द भरे गीत भी सुनने का दावा किया है। वैसे, यहां प्रचलित दंतकथाओं में भी कहा जाता है कि नट-नटिन रात के दौरान रोज वही दुखभरा गीत गाते हैं, जो उन्होंने करतब से पहले रात में गाया था।

अन्य सम्बंधित लेख –
  • असीरगढ़ का किला – श्रीकृष्ण के श्राप के कारण यहां आज भी भटकते हैं अश्वत्थामा, किले के शिवमंदिर में प्रतिदिन करते है पूजा
  • लौहगढ़ का किला- भारत का एक मात्र अजेय दुर्ग, मिट्टी का यह किला तोपों पर पड़ा था भारी, 13 युद्धों में भी नहीं भेद पाए थे अंग्रेज
  • कुम्भलगढ़ फोर्ट : वर्ल्ड कि दूसरी सबसे लम्बी दीवार
  • राजा जगतपाल सिंह का शापित किला – एक शाप के कारण किला बन गया खंडहर
  • शनिवार वाडा फोर्ट – इंडिया के टॉप हॉन्टेड प्लेस में है शामिल

Tag – Hindi, Story, History, Kahani, Itihas, Garh Pahra, Fort, Sagar,

Related posts:

झंडा फहराने के दिशानिर्देश नियम और महत्वपूर्ण जानकारी
विश्व महासागर दिवस का इतिहास, उद्देश्य और महत्व
उनाकोटी - 99 लाख 99 हजार 999 मूर्तियां, क्या है रहस्य
नागपंचमी की पौराणिक कथाएं
National Doctors Day History In Hindi, How to Celebrate?, When and Where Doctors Day is Celebrated
लघु कथा - भोग का फल | Laghu Katha - Bhog Ka Phal
रानी कर्णावती की कहानी और इतिहास
अप्रैल फूल डे का इतिहास | April Fool Day History In Hindi
यहाँ औरतें 5 दिन रहती है निर्वस्त्र, जानिये क्यों ?
शकुंतला-दुष्यंत की कहानी | Shakuntala Dushyant Story

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

05/05/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme