Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu

भगवान शिव का अघोर रुप तथा भगवान शिव से जुड़े रहस्यमयी प्रश्नों के उत्तर

Posted on March 23, 2017April 5, 2018 by Pankaj Goyal

भगवान शिव का अघोर रूप 

एक बार पार्वती ने स्वपन देखा मैं अपने पती का श्रंगार अस्थियों से कर रही हूँ। स्वप्न टूटा और प्रात: हुई। माता ने स्कंद से कहा — बेटा आज मै तुम्हारे पिता का अस्थियों से श्रंगार करूँगी, इसलिए तुम्हें पाँच पक्षियों की अस्थियाँ लानी हैं। स्कंद गये और पाँच पक्षियों की अस्थियाँ लेकर आये। माता पार्वती ने विश्वकर्मा को याद किया। विश्वकर्मा आये आैर उन अस्थियों से निर्माण कार्य प्रारम्भ किया। मोर की हडडी से त्रिशूल, बाज की हडडी से कँडा, कबूतर की हडडी से भाला, कागा की हडडी से डमरू बनाया। कुन्डल बनाने के लिये जब हंस की हडडी मोडी तो उसमें से दो बूँद जल धरती पे गिरे। जिससे श्वेतार्क तथा पारिजात के दो बृक्षों की उत्पत्ति हो गई। भगवान शिव ने उन्हें अपना पुत्र माना। इस तरह पार्वती ने शिव का श्रंगार किया।

यह भी पढ़े – जानिए अघोरियों की रहस्यमयी दुनिया की कुछ अनजानी और रोचक बातें

Bhagwan Shiv Ka Aghor Roop

भगवान शिव से जुड़े रहस्यमयी प्रश्नों के उत्तर —–

प्रश्न– १– शिव जी के धनुष का क्या नाम था?

” पिनाक ”

प्रश्न– २-– शिव धनुष को किसने बनाया था?

” स्वयं शिव जी ने ”

प्रश्न– ३– क्या शिव जीके पास “चक्र”था,चक्र का नाम क्या था?

  • शिव के चक्र का नाम ” भवरेंदु” था ।
  • विष्णु जी के चक्र का नाम ” कांता”(सुदर्शन) था ।
  • दुर्गाजी के चक्र का नाम ” मृत्यु मंजरी ” था

प्रश्न–४ — कृष्ण जी को सुदर्शन चक्र कहाँ से मिला ?

शिवजी ने विष्णुजी को दिया, विष्णुजी ने पार्वती माता को दिया, माताजी ने परसुराम जी को दिया, परसुराम जी ने श्री कृष्णजी को दिया ।

प्रश्न– ५– गुरू शिष्य परम्परा किसने चलाई ?

” भगवान शिव ने”

प्रश्न– ६– शिवजी के प्रथम शिष्य कौन थे ?

शिवजी के प्रथम शिष्य ” सप्तरिषी ” थे ।

प्रश्न– ७– शिवजी के प्रमुख गण कौन थे ?

भैरव, वीरभद्र, मणिभद्र, चंदिस, नंदी, भृगिरिटी, शैल गोकर्ण, घंटाकर्ण आदि।

आचार्य, डा.अजय दीक्षित

डा. अजय दीक्षित जी द्वारा लिखे सभी लेख आप नीचे TAG में Dr. Ajay Dixit पर क्लिक करके पढ़ सकते है।

भारत के मंदिरों के बारे में यहाँ पढ़े –  भारत के अदभुत मंदिर

सम्पूर्ण पौराणिक कहानियाँ यहाँ पढ़े – पौराणिक कथाओं का विशाल संग्रह

भगवान शिव से सम्बंधित अन्य लेख

  • भगवान शिव को ही लिंग रूप में क्यों पूजा जाता है ?
  • यह है भगवान शिव के 19 अवतार
  • जानिए शिवपुराण के अनुसार भगवन शिव को कौनसी चीज़ चढाने से मिलता है क्या फल
  • ये हैं अघोर पंथ से जुड़े 10 प्रमुख अघोर पीठ
  • पौराणिक कहानी – शिव पूजा में क्यों काम में नहीं लेते केतकी के फूल (केवड़े के पुष्प ) ?

Related posts:

चैत्र नवरात्रि 2023 - माँ दुर्गा का नाव पर होगा आगमन और मनुष्य पर होंगी विदा
शरीर का सार - आचार्य डा.अजय दीक्षित "अजय"
जानिये किन 6 देवों की पूजा होती है धनतेरस के दिन
नवरात्रि 2021 कलश स्थापना मुहूर्त | जानिये नवरात्रि में क्यों उगाई जाती है जौ और क्या है इस से जुड़े ...
श्री हनुमान चालीसा का भावार्थ | Hanuman Chalisa Ka Bhavarth
श्री गुरु अर्जुन देव जी Shri Guru Arjun Dev Ji
राम नवमी | Ram Navami
जानिए, रामायण हमारे शरीर में हर समय होती है घटित
स्कंद षष्ठी व्रत एवं पूजन विधि | महत्व | भगवान कार्तिकेय का जन्म कथा
मत्स्य जयंती की पौराणिक कथा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/15/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme