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Hum Dekhte Rahe Poem In Hindi

‘हम देखते रहें’ – मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’

Posted on March 30, 2021March 31, 2021 by Viveka Goyal

Hum Dekhte Rahe Poem In Hindi – मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचना ‘हम देखते रहें’

Hum Dekhte Rahe Poem In Hindi

‘हम देखते रहें’ (Hum Dekhte Rahe)

झुकी हुई पलकें हम देखते रहें|
सिर झुका के चले हम देखते रहें|1|

जुल्फें बिखरी हवा ने चेहरे पे आ गई|
चांद पर बादलों का डेरा हम देखते रहें|2|

नीले परिधान पर मटमैला दुपट्टा|
चेहरे को ढकता रहा हम देखते रहें|3|

नीलम मोती की अंगुठी पहनी जो आपने|
जैसे झील में मीन हम देखते रहें|4|

मन के सारे भाव मुखड़े पे आ गये|
मन की मजबूरी हम देखते रहें|5|

मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’
राजसमंद

  • मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचनाओं का संग्रह 

यह भी पढ़े –

  • निदा फ़ाज़ली की शायरी और ग़ज़लों का संग्रह
  • मुनव्वर राना की 150 ग़ज़लों का संग्रह

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