Ajab Gajab

Status, Shayari, Message, Vrat Katha, Pauranik Katha, Jyotish, News, Hindi Story, Religion, Health, Poem, Jokes, Kavita, Geet, Gazal, Wishes, SMS, Interesting Facts

Menu
  • Pauranik Katha
  • Jyotish
  • Quotes
  • Shayari
  • Amazing India
  • Self Improvment
  • Health
  • Temple
  • Bizarre
Menu
Jai Jai Rajsamand Poem In Hindi

जय जय राजसमंद – कमलेश जोशी ‘कमल’

Posted on April 10, 2021April 21, 2021 by Viveka Goyal

Jai Jai Rajsamand Poem In Hindi – कमलेश जोशी ‘कमल’ राजसमंद द्वारा रचित रचना ‘जय जय राजसमंद ‘ । यह रचना राजसमंद स्थापना दिवस के उपलक्ष में लिखी गयी है। राजसमंद स्थापना दिवस पर आप सभी को शुभकामनाएं ।

Jai Jai Rajsamand Poem In Hindi
Jai Jai Rajsamand Poem In Hindi

जय जय राजसमंद (Jai Jai Rajsamand)

इस धरती का कण कण प्यारा ,
नित नित झुकाता हूं मै शीश रे
जनम मिले तो यहीं मिले फिर ,
जहां बिराजते द्वारिकाधीश रे

छटा निराली मेरे राजसमंद की ,
चहुं ओर है कितने ही तीर्थ रे
कृपा बरसाते चारभुजानाथ जी ,
सिर पे श्रीनाथजी का आशीष रे

निर्मल पावन गोमती गंगा बहती ,
जिसके घाट घाट मनोहर तीर है
दिव्य छटा हमारी नौ चोकी की ,
अंकित इतिहास हर प्राचीर रे

दयालशाह जी किला सुगढ है ,
जैनधर्म का अनुपम यह तीर्थ रे ,
मौन तपस्वी सा साधना शिखर ,
हर लेता हर एक मन की पीर है

जिस माटी को सिर पे लगाकर ,
गुण गाते हम सब स्वाभिमान से
हल्दीघाटी परम पावन धरा यह,
महाराणा प्रताप प्रात:स्मरणीय रे

कुंभलगढ है विश्वप्रसिद्ध यहां पे ,
राज किये जहां कई रणवीर रे
इतिहास सहेजे कई युद्धो का ये,
बहुत लंबी है इसकी प्राचीर रे

रुपनारायण, सैवंत्री तीर्थ पावन,
रोकडिया हनुमान जी दर्शनीय रे
महादेव रामेश्वर, कुंतेश्वर बिराजे,
गूंजता नित ऊँ जय जगदीश रे

होली, दिवाली, ईद, गणगौर ,
प्रेम मे मनाते है कई त्योहार रे
तरह तरह के सुंदर मनोरथ ,
होते रहते है हर एक मंदिर रे

अरावली की दिव्य छटा में ,
बिराजते परशुराम महादेव रे
दिवेर की घाटी याद दिलाती,
पग पग पर रहते रणवीर रे

कला साहित्य संगीत खेल मे,
आगे रहता सदा राजसमंद रे
हर क्षैत्र मे पहचान बनाते है,
इस राजसमंद के कर्मवीर रे

करता कामना नित नित मन,
प्रभु देना इतना सा आशीष रे
मिले जनम फिर राजसमंद मे,
जहां बिराजते द्वारिकाधीश रे

कमलेश जोशी ‘कमल’
कांकरोली राजसमंद

कमलेश जोशी ‘कमल’ द्वारा रचित अन्य रचनाएं –

  • परिधान
  • हम दीवाने रहे हैं
  • ‘नींव के पत्थर’

यह भी पढ़े –

  • निदा फ़ाज़ली की शायरी और ग़ज़लों का संग्रह
  • मनीष नंदवाना ‘चित्रकार’ राजसमंद द्वारा रचित रचनाओं का संग्रह
  • मुनव्वर राना की 150 ग़ज़लों का संग्रह

Related posts:

दर्द की सच्चाई - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
कवि की करुण पुकार - आचार्य डॉ अजय दीक्षित "अजय"
राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी - कुमार विश्वास
शरीर का सार - आचार्य डा.अजय दीक्षित "अजय"
भोंर का उजाला - डॉ लोकमणि गुप्ता
कविता - बेटी जब घर आती हैं
'कोरोना का आना........गजब हो गया'- मनीष नंदवाना 'चित्रकार'
माँ की रसोई -अंजलि देवांगन (मातृ दिवस पर कविता)
विश्व रेडक्रॉस दिवस पर हिंदी कविता | World Redcross Day Poem In Hindi
पुस्तक दिवस पर काव्य रचना - कमलेश जोशी 'कमल'

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Daily Horoscope

04/23/26

Pages

  • AdTest
  • Contact Us
  • Disclaimer
  • Guest Post & Sponsored Post
  • Privacy Policy
©2026 Ajab Gajab | Design: Newspaperly WordPress Theme